बलिया
बलिया के 19 गांव बनाए जाएंगे ओडीएफ प्लस, 13 करोड़ की लागत से होंगे ये कार्य
ओडीएफ प्लस के तहत गांवों को स्वच्छ बनाने एवं कूड़ा निस्तारण को लेकर बलिया के 19 गांवों का चयन किया गया है। इसके तहत गांवों में विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 19 गांवों को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए 13.074 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसकी स्वीकृति के लिए मंडलीय कार्यालय को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।
बता दे कि जिले में पहले चरण के तहत 15 ब्लॉकों के 29 ग्राम पंचायतों के कुल 47 राजस्व गांवों का चयन कर लिया गया है। इसके सापेक्ष 19 गांवों को ओडीएफ प्लस बनाया जाएगा। 19 गांवों के लिए कुल 13 करोड़ 7 लाख 42 हजार 748 रुपये की कार्ययोजना है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन का अंशदान 8 करोड़ 60 लाख 77 हजार 226, 15वें वित्त का अंशदान 3 करोड़ 66 लाख 92 हजार 222, मनरेगा का अंशदान 78 लाख 8300 व कृषि विभाग का अंशदान एक लाख 65 हजार निर्धारित किया गया है।
जिन गांवों का चयन हुआ है, उनमें मुरलीछपरा ब्लॉक के इब्राहिमाबाद उपरवार व कोड़हरा नौबरार, बेरूआरबारी के सुखपुरा व वांसेराम, बैरिया के कोटवां, बेलहरी के हल्दी व बेलहरी, दुबहड़ के अखार, नगवा, घोड़हरा व जनाड़ी, सीयर के तुर्तीपार व फरसाटार और चिलकहर ब्लॉक के सिकरिया कला, ममरेजपुर, कुरेजी, अम्तहापुर, हसनपुर व पाह कुरेजी। इन 28 गांवों की कार्ययोजना हो रही तैयार दुबहर ब्लॉक के शेर, हनुमानगंज के रामपुर महावल, मनियर के जिगिरसड़, आराजी माफी जोगिया, प्राणपुर, टीका चक, मुरली छपरा के चांददियर, नगरा के डिहवा, नरही, मेहराब, नवानगर के कठौड़ा, बरहुंचा, सीसोटार दियारा, सिवान कला, सिवान खुर्द, पंदह के सहुलाई हरदो पट्टी, फुलवरिया व मोहम्मदपुर, रसड़ा डेहरी, बकुलहा, सखुआपुर, सराय भारती, भीखमपुरा, रेवती के झरकटहा, मठंग नाथ, सिगही व सोहाव ब्लॉक के नरही व खमीरपु शामिल है।
ओडीएफ प्लस बनाने के लिए गांव में खुले में शौच पर पूर्ण पाबंदी के साथ ही ग्राम पंचायत में कम से कम एक सामुदायिक शौचालय होना जरुरी है। साथ ही गांव के सभी घरों के साथ-साथ प्राथमिक विद्यालय, पंचायत घर और आंगनबाड़ी केंद्र में शौचालय की सुविधा होना जरूरी है। प्लास्टिक कलेक्शन सेंटर बनने के साथ ही सामुदायिक बायो गैस प्लांट होना भी आवश्यक है। सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों और कम से कम 80 फीसदी घरों में अपने ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन के साथ ही सामूहिक जगहों पर जैविक या अजैविक कूड़ा या नाले में पानी इकट्ठा न हो। ओडीएफ प्लस योजना चरणवार संचालित की जाएगी।
बलिया डीपीआरओ यतेंद्र सिंह ने बताया कि ओडीएफ प्लस के पहले चरण में कुल 47 गांव चयनित किए गए हैं। 19 गांवों की कार्ययोजना भी मंडल कार्यालय को भेज दी गई है, शेष 28 गांवों की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इसके भी मंडल कार्यालय को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी।
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
featured
एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured2 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


