बलिया
17.13 करोड़ से सुधरेंगी बलिया की 12 सड़कें
बलिया जिले के अधूरे पड़े 12 मार्गों को 17.13 करोड़ रुपए से सुधारा जाएगा। इन सड़कों के निर्माण के लिए साल 2021 में करीब 35 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। लेकिन राशि की कमी होने से मार्गों का निर्माण अधूरा रह गया। अब शासन ने 17 करोड़ की राशि जारी की है। जिसके बाद यह सड़कें जल्द ही बनकर तैयार होंगी।
यह सड़कें रसड़ा, फेफना और बेल्थरारोड विधानसभा की हैं। इन मार्गों के जर्जर होने से स्थानीय लोगों को काफी ज्यादा परेशानी होती थी। जिसके बाद शासन ने मार्गों का निर्माण करने की तैयारी की थी। निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्लूडी के प्रांतीय खंड को दी गई थी। अब सड़कों के निर्माण के लिए राशि जारी हो गई है। जिसके तहत 2.26 करोड़ बढ़या-अटकही-गहोड़वारा मार्ग 1.13 करोड़, 4.10 करोड़ मिशन स्कूल मरवटिया मार्ग 2.05 करोड़, 2.22 करोड़ खड़सरा-कल्याण डेरा-चवरी मार्ग 1.11 करोड़, 2.87 करोड़ मेउली-जगदरा-धड़सरा-एकभिटिया मार्ग 1.43 करोड़ की राशि जारी की गई है।
इसी तरह 4.06 करोड़ सिधागरघाट पकवाइनार-सिलहटा मार्ग 2.03 करोड़, 2.97 करोड़-पतनर-भिठौरा तरछापार-किर्तुपुर मार्ग-1.48 करोड़, 3.27 करोड़ अखोपपुरा-पतनारी-अखोप मार्ग 163.64 करोड़, 2.06 करोड़ धड़सरा-गौरनिया-जगदरा-पूर रजवाहा मार्ग 1.03 करोड़, 2.22 करोड़ डूहा-जंगली बाबा के कुटी-कठौड़ा मार्ग 1.11 करोड़, 2.95 करोड़ हडसड़ तिवारीपुर-मुइया तिनवारीपुर मार्ग-1.47 करोड़, 2.74 करोड़ सीयर चरौवा-फरसाटार-पलिया कुरुमपुर मार्ग 1.37 करोड़, 2.49 करोड़ चंद्रवारक तियरा-लुट्टूपुर-तुर्कहा मार्ग 1.24 करोड़ रुपए की राशि दी गई है।
बता दें कि कई सड़कें ऐसे हैं जिनका निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। छितौना कैंप से मालीपुर, जमुआव, कैथी, तिरनई, बोल्डी होते हुए सिकंदरपुर-उभांव मार्ग का लेपन कार्य 6 साल बाद भी अधूरा है। सपा की सरकार में विधायक गोरख पासवान के सहयोग से मार्ग 2016 में पंप कैनाल से सटे 10 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 447.96 लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी।
इन 6 सालों में इस सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। इन छह वर्षों में इस सड़क पर 245.79 रुपये अवमुक्त किए गए। वित्तीय वर्ष 21-22 में 14.14 लाख रुपये आवंटित किए गए। लेकिन सड़क बदहाल हालत में पड़ी है। यह सड़क छितौना से कैथी तक लगभग दो किमी 2016 में बन कर तैयार हो गई। उसके बाद कैथी से जमुआव तक दो किमी सड़क 2021 में तैयार हुई। एक किमी सड़क पर बोल्डर डाल कर छोड़ दिया। जिसके कारण ग्रामीणों को काफी ज्यादा परेशानी होती थी। ऐसे में ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग की है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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