बलिया स्पेशल
बलिया राशन घोटाला मामले में रिटायर हो चुके 3 पूर्व CDO पर चलेगा केस, 13 साल पुराना है मामला !
बलिया में 13 साल पुराने राशन घोटाले में तीन पूर्व मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) पर भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने की प्रदेश सरकार ने अनुमति दे दी है। वर्ष 2000 से 2005 के बीच सीडीओ रहे राममूर्ति वर्मा, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव और दीनानाथ पटवा पर खाद्यान्न वितरण में धांधली करने के आरोप हैं। तीनों अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) ने की थी। हालांकि इस मामले में अभी सचिव के पद पर तैनात एक आईएएस और तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं मिली है।ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत खाद्यान्न वितरण की जिम्मेदारी सीडीओ व अन्य अधिकारियों को दी गई थी। 21 जून 2002 से 14 अक्तूबर 2003 तक सीडीओ राममूर्ति राम के कार्यकाल में 18 कार्य योजनाओं पर 7,55,216 रुपये कीमत के 1078.88 क्विंटल खाद्यान्न वितरण में नगद श्रमांश 4,45,623 रुपये के काम कराए गए।
आरोप है कि वे वास्तविक श्रमिकों को मजदूरी दिलाने और मजदूरी के बदले खाद्यान्न दिलवाने में नाकाम रहे। इसी तरह 18 फरवरी 2004 से 11 अक्तूबर 2004 तक सीडीओ रहे अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने योजना में तीन काम कराए थे। इसी तरह 11 अक्तूबर 2004 से 4 दिसंबर 2004 तक तैनात रहे दीनानाथ पटवा को भी अनियमितता में दोषी पाया गया है।
ईओडब्ल्यू ने रिपोर्ट में कहा था कि इन अधिकारियों के कारण वास्तविक पात्रों का हक मारा गया और दस्तावेजों में हेरफेर कर खाद्यान्न व धन का दुरुपयोग किया गया। ऐसे में तीनों आरोपी सीडीओ के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 477, 120बी/34 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत दंडनीय का अपराध बनता है।
ईओडब्ल्यू जौनपुर में जांच कर रही है। यहां 2004-05 में 31 करोड़ 51 लाख रुपये और 26,287 टन खाद्यान्न की बंदरबांट की गई थी। जांच पूरी होने के बाद यहां तैनात रहे सीडीओ और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी अभियोजन स्वीकृति मांगी गई है।
क्या है मामला
बलिया में करोड़ों रुपये का खाद्यान्न घोटाला सामने आने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2006 में मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) को सौंपी थी। ईओडब्ल्यू ने 2013 में जांच पूरी कर सिर्फ बलिया में 43 मुकदमे दर्ज कराकर 1 आईएएस और 13 पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी।
इनमें से 22 मामलों में जांच पूरी होने के बाद ग्राम्य विकास विभाग के 45 लोगों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिल चुकी है। इस तरह के घोटाले कई अन्य जिलों में भी पाए गए थे। इनमें से बीते दिनों विधानसभा की आश्वासन समिति में भी यह मामला उठा था, जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई का ब्योरा दिया था।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन
बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।
कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल
विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


