बलिया स्पेशल
बलिया- कस्तूरबा गांधी विद्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, सघनता से की जांच
बलिया: डीएम भवानी सिंह खंगरौत ने कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की व्यवस्था जांचने के लिए गुरुवार को चितबड़ागांव व असनवार जा धमके। दोनों जगह पठन-पाठन की बेहतरी के साथ सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। जहां गणित, विज्ञान व अंग्रेजी के जहां रिक्त अध्यापक के पद हैं, जल्द भरने के निर्देश बीएसए को दिए।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय चितबड़ागांव में व्यवस्था तो ठीक मिली, लेकिन पठन-पाठन की गुणवत्ता पर नाराजगी जाहिर की। वहां दो अनुस्थित अध्यापिकाओं से स्पष्टीकरण तलब किया। वार्डेन माधुरी कुशवाहा को सख्त लहजे में चेताया कि पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े, इसके लिए कदम उठाए जाएं। यह भी कहा कि इस औचक निरीक्षण के उद्देश्य कमियां निकलना नहीं है बल्कि यहाँ की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।
डीएम ने बालिकाओं की संख्या व वहां की व्यवस्था के बाबत बकायदा पूछताछ की। किचेन में जाकर साफ-सफाई आदि व्यवस्था देखी। दूध की मात्रा कम मिलने पर कहा कि बड़ी गिलास में कम से कम 200 मिली दूध हर बालिका को दिया जाए। स्वस्थ रहेंगी तभी इनकी पढ़ाई भी बेहतर होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि एक बालिका पर साढ़े चार हजार प्रति महीने मिलते हैं। इसलिए बालिका को पौष्टिक आहार ही दिया जाए। मीनू के अनुसार ठेकेदार को खाद्य सामग्री सप्लाई करने को कहा जाए।
बच्चियों के छात्रावास में पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि पढ़ाई के लिहाज से सबसे जरूरी प्रकाश व्यवस्था है। इसे सुदृढ़ बनाकर अवगत करावें। लाइब्रेरी में बालिकाओं के लिए रोचक पुस्तकें उपलब्ध रखने का निर्देश दिया।
सवाल पूछ जांची पठन-पाठन की गुणवत्ता
पठन-पाठन की गुणवत्ता जांचने के लिए तीनों क्लास में बालिकाओं से गणित, अंग्रेजी, सामाजिक विषय के अलावा सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे। हालाकिं कुछ बालिकाओं ने उसका उत्तर दिया, लेकिन जिलाधिकारी ने कहा कि सामान्य चीजों की जानकारी हर बालिकाओं को रहना चाहिए। पठन-पाठन की गुणवत्ता बेहतर करने पर जोर दिया। यह भी कहा कि अंग्रेजी व गणित की उपयोगिता को देखते हुए इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। कुछ बच्चियों को उत्तर मालूम होने के बावजूद नहीं बोलने पर कहा कि विद्यालय में हल्का लाउडस्पीकर रखें और बालिकाओं से उसमें विभिन्न मौकों पर बोलवाएँ। इससे इनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा।
सुरक्षा के लिहाज से दिए ये निर्देश
– जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सुरक्षा के लिहाज से जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। चितबड़ागांव में निरीक्षण के दौरान स्पष्ट कहा कि सुबह 8 बजे से पहले और शाम को 5 बजे के बाद विद्यालय परिसर में सिर्फ महिला स्टाफ की ही मौजूदगी रहेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी स्टाफ का परिचय पत्र जारी होगा, जिसे गले में लटकाकर रहना अनिवार्य होगा। यह भी कहा कि हर छात्रा की एक फाइल बनाएं, जिसमें उसका पूरा विवरण हो। बालिका के पढ़ाई से संबंधित फीडबैक फाइल में दर्ज हो, ताकि फाइल को देखने से ही बालिका के बारे में पूरी जानकारी मिल जाए। विद्यालय में महिला होमगार्ड ड्यूटी जरूर लगाइए वार्डन को निर्देश दिया कि रात के समय बालिकाओं के साथ ही रहे।
…जब बालिका ने मांगी रक्षाबंधन की छुट्टी
– चितबड़ागांव में निरीक्षण के दौरान क्लासरूम में एक बालिका ने जिलाधिकारी से बात करने की इच्छा जताई। उत्सुकता देख डीएम ने बालिका से बात की। बालिका ने रक्षाबंधन पर घर जाने की इच्छा जताते हुए अवकाश देने की बात कही। जिलाधिकारी ने कहा कि नियमों को ध्यान में रख इनको दो दिनों के लिए छुट्टी दे सकते हैं। ध्यान रहे कि जरूरी कार्यवाही के बाद परिजनों के साथ ही भेजा जाए। एक बालिका ने जूता नहीं मिलने की बात बताई। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले साल के बचे जूते यहां रक्षाबंधन से पहले वितरित कराएं। सही बात तपाक से कहने पर उस बालिका को भी पुरस्कृत किया।
पकौड़ी खाकर परखीं खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता
विकासखंड चिलकहर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय असनवार पर जिलाधिकारी ने रसोईघर में बन रही पकौड़ी खाकर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता परखी। वहां के पठन-पाठन व अन्य व्यवस्था पर सन्तोष जताया। वार्डेन नीलिमा सिंह को निर्देश दिया कि पर्याप्त रोशनी हमेशा रहे। बालिकाओं को रोजाना एक घण्टे टीवी दिखाया जाए, ताकि न्यूज़ के जरिए दुनिया की गतिविधियों को देख सकें। प्रतिदिन बच्चों को अच्छी आदतों के बारे में बताए, ताकि उनके रूटीन में वह आदत हो जाए। बाउंड्री ऊंची करने के लिए ग्राम पंचायत को पत्र भिजवाने का निर्देश बीएसए को दिए। वहां भी कम्प्यूटर लगवाने को कहा। परिसर हरा-भरा होने पर वार्डेन की तारीफ की।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता
बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार देर रात उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होते ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर ओर गम और सन्नाटा पसरा रहा।
नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं थीं, लेकिन बुधवार रात उनके निधन की खबर ने पूरे पूर्वांचल को स्तब्ध कर दिया।
उमाशंकर सिंह केवल एक विधायक नहीं थे, बल्कि रसड़ा की राजनीति का ऐसा चेहरा थे जिनकी पहचान पार्टी से कहीं अधिक उनके जनसंपर्क, विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों से थी। यही वजह रही कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल के नेताओं ने उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।
छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर
सेवानिवृत्त सैनिक घुरहू सिंह के बड़े पुत्र उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। वे सतीश चंद्र महाविद्यालय, बलिया के छात्रसंघ महामंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2002-03 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा ने नई दिशा पकड़ी।
लगातार तीन चुनाव जीते
साल 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने करीब 84 हजार वोट हासिल किए और सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को 52,825 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार विधायक बने।
2017 में भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33,885 वोटों से हराकर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।
वहीं 2022 के चुनाव में सपा-सुभासपा गठबंधन की चुनौती के बावजूद उन्होंने सुभासपा प्रत्याशी महेंद्र चौहान को करीब 5 हजार वोटों से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। बसपा के कमजोर दौर में भी उनकी यह जीत पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी।
समाजसेवा से बनाई अलग पहचान
राजनीति में आने से पहले उमाशंकर सिंह सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़े रहे। विधायक बनने के बाद इस कार्य की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान समाजसेवी के रूप में रही। उन्होंने अपने जीवनकाल में 600 से अधिक निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह कराकर समाज में एक अलग मिसाल कायम की।
शोक में डूबा बलिया
उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा, नगरा और पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्वांचल ने आज अपना एक लोकप्रिय, जुझारू और जनसेवा के लिए समर्पित नेता खो दिया।
उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। उनका निधन केवल रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया की राजनीति के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
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आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने भूमि आवंटन और आवासीय पट्टा वितरण में खराब प्रगति पर सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही लंबित राजस्व वादों के 15 दिनों के भीतर निस्तारण और 90 दिन से अधिक पुराने मामलों को मिशन मोड में खत्म करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा करते हुए आईजीआरएस, डिजिटल क्रॉप सर्वे, स्वामित्व योजना, अंश निर्धारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, भूमि आवंटन, मत्स्य पट्टा, चकबंदी, बाढ़ प्रबंधन और अन्य राजस्व मामलों की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
उन्होंने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वामित्व योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 1,286 गांवों में सर्वे कार्य शेष रहने पर नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम को अभियान चलाकर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
आगामी बाढ़ को देखते हुए डीएम ने रेड जोन के गांवों की पहचान, नावों की उपलब्धता, मेडिकल कैंप, पशुओं के चारे, राहत सामग्री और कंट्रोल रूम की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 183 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए समुचित तैयारी रखने को भी कहा।
राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धारा 24, 33, 34, 67 और 116 से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति जानी और निर्देश दिया कि सभी लंबित वादों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए। 90 दिन से अधिक पुराने मामलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्रवाई करने को कहा।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सभी तहसीलों में 16 प्रकरण लंबित मिलने पर उन्होंने संबंधित लेखपालों और कानूनगो के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि आवंटन की समीक्षा में रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया तहसीलों में कृषि पट्टों का आवंटन नहीं होने पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं आवासीय पट्टा वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।
मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में बांसडीह, बलिया सदर और बैरिया तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं चकबंदी विभाग में 4,969 मुकदमे लंबित मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अन्नपूर्णा भवनों के उद्घाटन, सस्ता गल्ला दुकानों के चयन, अवैध खनन पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण, नदी कटान निरोधक कार्य, गंगा ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार, एसटीपी परियोजना तथा अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


