बलिया स्पेशल
ट्रेन डकैती को लेकर कोरे आश्वासन देकर लकीर पीट रही जीआरपी और आरपीएफ
बलिया। ट्रेन में हुई लूट की घटना को लेकर पुलिस के हाथ पांच दिन बाद भी खाली है। पुलिस डकैतों की गिरफ्तारी को लेकर केवल लकीर पीट रही है। हालांकि इस घटना के खुलासे को लेकर जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस अपने अपने स्तर से प्रयासरत है, किन्तु घटना के पांच दिन गुजर जाने पर भी पुलिस के हाथ कोई सुराग भी नहीं लगा है। इस संदर्भ में आरपीएफ और जीआरपी के आलाधिकारियों ने भी मौके की जांच कर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विभागीय अधिकारियों के पेंच कसे, किन्तु अबतक पुलिस केवल मौक़ाएवारदात के समीपवर्ती गांवों के युवाओं और वांछित लोगों को रडार पर रखकर पूछताछ कर रही है। घटना के खुलासे में हो रही देरी रेल यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों में आक्रोश का सबब बन रही है।
ज्ञातव्य है कि विगत 29 दिसम्बर की रात करीब 9 बजे वाराणसी- छपरा रेलमार्ग पर रेवती स्टेशन के समीप हथियार बंद बदमाशों ने 15159 डाउन सारनाथ एक्सप्रेस के बोगी नंबर एस 12 में कई यात्रियों से बंदूक की नोंक पर जमकर लूटपाट की थी। यात्रियों के विरोध करने पर उन्होंने कई यात्रियों की जमकर पिटाई भी कर दी थी। लूटपाट के दौरान बदमाशों ने करीब आधा दर्जन यात्रियों से 4 मोबाइल और करीब 8 हज़ार रुपये लूट लिए। लूटपाट के दौरान बदमाशों के हमले में बिहार के निवासी धर्मेन्द्र कुमार, रोहित कुमार, संतोष चन्द, रंजीत कुमार, विक्की तथा सुनिल आदि करीब आधा दर्जन यात्री घायल हो गए थे।
घटना के बाद बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए थे। ट्रेन छपरा पहुंचते ही डरे सहमे यात्रियों ने घटना से जीआरपी थाने को अवगत कराया था, जिसके बाद छपरा जीआरपी से लगायत बलिया पुलिस प्रशासन, जीआरपी और आरपीएफ हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर सभी ने अपने स्तर से छानबीन की। लूट की इस घटना में ट्रेन के चालक, गार्ड और ट्रेन ड्यूटी के आरपीएफ स्कॉर्ड पर भी सवालों की उंगली उठी, कि आखिरकार इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद ट्रेन में तैनात विभागीय लोगों को इसकी भनक कैसे नहीं लगी।
घटना के अगली सुबह जीआरपी और आरपीएफ के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामले की जानकारी लेकर हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी के लिए अपने अपने विभाग को निर्देश दिए। इसके बाद जीआरपी ने घटनास्थल के समीपवर्ती गांवों में सिविल पुलिस की मदद से क्षेत्र के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित किया और उन्हें पूछताछ के लिए जीआरपी थाने भी लाई, किन्तु जीआरपी का प्रयास अबतक बेमानी साबित हो रहा है। उधर आरपीएफ ने भी अपने स्तर से मुखबिरों की मदद से हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया, किन्तु आरपीएफ का सूचनातंत्र भी अपराधियों तक पहुंचने में असफल रहा।
आलम यह है घटना के पांच दिनों बाद भी जीआरपी और आरपीएफ के पास सिवास आश्वासन के कुछ और नहीं है। हालांकि दोनों विभाग अपने स्तर से घटना के जल्द खुलासे का दावा कर रहे है, लेकिन घटना के गुजरते दिनों के साथ लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। इस संदर्भ में जीआरपी थाना प्रभारी रामकृष्ण मिश्र ने कहा कि जीआरपी अपराधियों की धरपकड़ के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। शीघ्र ही हमलावर पुलिस की गिरफ्त में होंगे। वहीं आरपीएफ प्रभारी अमित राय का कहना है कि हमलावरों की गिरफ्तारी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी, इसके लिए आरपीएफ क्षेत्र में दबिश दे रही है। घटना का खुलासा जल्द होगा।
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बलिया विधानसभा सर्वे 2027
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बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?
बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।
क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।
पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।
जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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उत्तर प्रदेश7 days agoराष्ट्रीय खेल दिवस पर जमुना राम मेमोरियल स्कूल में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह


