बलिया स्पेशल
चुनौतियों से भरपूर है बलिया के नये कप्तान देवेन्द्र नाथ की पहली पोस्टिंग
बलिया । अब तक के अपने ईमानदार छवि और त्वरित कार्यवाई करने के कारण लोकप्रिय रहे आईपीएस देवेन्द्र नाथ। बलिया में पुलिस अधीक्षक के रूप में पहली तैनाती में भी अपनी पुरानी छवि के अनुरूप कार्य कर पाएंगे देवेन्द्र नाथ जी यह यक्ष प्रश्न है। यह प्रश्न इनकी काबिलियत पर नही यहां की राजनीतिक आबोहवा के कारण है । क्योकि बलियावासी बागी है, यहां रगों में बगावत कूटकूट कर भरी है। यह सत्य है लेकिन अगर कोई हम से भी तेज आ जाये, यह हम लोगो को बर्दाश्त नही होता है । बलिया में तेज अधिकारियों के अल्प कार्यकाल उदाहरण है ।
वैसे तो यह उम्मीद है कि आईपीएस देवेन्द्र नाथ अपने अनुभव और ईमानदारी दोनो के सम्मिश्रण से अन्य जनपदों की तरह कप्तान के रूप में अपनी पहली पारी में सफल होंगे । श्री नाथ के सामने सबसे बड़ी चुनौती जाति विशेष के छाप से विभाग को तेज तर्रार पुलिस टीम के रूप में बलिया पुलिस को दिलानी है ।
जिस थाना क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ अब तक बढ़ने के वावजूद भी सम्बंधित थाना प्रभारी कुर्सी बचाने में सफल है। जिन के क्षेत्र में बड़े अपराध हुए है और अपराधी अब तक पुलिस की पहुंच से कोसो दूर है उनके खिलाफ कार्यवाई करने की जरूरत है ।
उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में जो भी भर्ती हुआ है वह काबिलियत के बल पर ही आया है। ऐसे में मुखिया को भेदभाव रहित कार्यवाई करने से मनोबल बढ़ता है। जो अच्छा कार्य करे उसे सम्मानित और जो खराब करे उसे दंडित करने की नीति से ही महकमे की और मुखिया की छवि निखरती है ।
आज बलिया पुलिस में आंतरिक हनक वो भी भेदभावरहित की अति आवश्यकता है। जो नये कप्तान निश्चित तौर पर स्थापित करेंगे ऐसी उम्मीद है । बलिया के बिहार से सटे सीमावर्ती क्षेत्र शराब तस्करी के प्रमुख केंद्र बन गये है। इस पर अंकुश लगाना प्रमुख लक्ष्य होना चाहिये । वही थानों पर एफआईआर दर्ज हो। इसके लिये भी आदेश करने की जरूरत होगी क्योंकि कई जगह पीड़ित एफआईआर के लिये कई दिन थाने का चक्कर लगाने के बाद अंततः पुलिस अधीक्षक के पास ही गुहार लेकर आते है ।
अपनी अलग पहचान के कारण पूरे विश्व पटल पर सुविख्यात जनपद बलिया में पुलिस अधीक्षक के रूप में प्रथम बार कार्य करना भी अपने आप मे ऐतिहासिक ही होता है क्योंकि इसी धरती के लाल सुप्रसिद्द हिंदी के सशक्त हस्ताक्षर डा. हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा था कि बलिया जिला नही देश है। ऐसे में आईपीएस देवेन्द्र नाथ बलिया जिले के साथ ही एक देश के भी पुलिस अधीक्षक बने है। यह सौभाग्य सबको नही मिलता है।
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बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?
बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।
क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।
पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।
जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।


