उत्तर प्रदेश
गांधी यात्रा के बहाने शिवपाल यादव ने दिखाई ताकत
अपनी ही पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंक चुके पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव अब पीछे मुड़कर देखने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे हैं। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के गठन के बाद अब वे अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर ताकत का अहसास करा रहे हैं। मोर्चा के कार्यकर्ता भी मौका मिलते ही शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को मोर्चा के बैनर तले निकाली गई गांधी जयंती यात्रा में भी शिवपाल सिंह समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन किया। बाइक, कारों का काफिला स्वयं मोर्चा संयोजक शिवपाल सिंह यादव ने रवाना किया।
दो साल की खींचतान के बाद सपा में कद्दावर मंत्री रहे सपा संस्थापक के भाई पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने आखिरकार सपा के खिलाफ बिगुल फूंक ही दिया। शिवपाल सिंह यादव ने हाल ही में समाजवादी सेक्युलर मोर्चा (अब बदला नाम प्रगतिशील समाजवादी पार्टी) का गठन करके जिलाध्यक्षों व मंडल प्रभारियों की भी घोषणा कर दी है। इतना ही उनके समर्थक मोर्चा की ताकत दिखाने का कोई भी मौका हाथ नहीं जाने दे रहे हैं, वे मौका मिलते ही शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। 17 सितंबर को सैफई के एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित माध्यमिक विद्यालयों की खेलकूद प्रतियोगिता में शिवपाल सिंह बतौर मुख्यअतिथि पहुंचे थे, कार्यक्रम स्कूली बच्चों का था लेकिन इसमें बच्चों से ज्यादा संख्या शिवपाल सिंह के समर्थकों की थी, कई जिलों के लोग पहुंचे थे और शिवपाल सिंह यादव जिंदाबाद के नारे लगे। इसके अलावा औरैया, मैनपुरी में भी किसी कार्यक्रम में शिवपाल सिंह पहुंचे तो समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन किया।
मंगलवार को गांधी जयंती के उपलक्ष में हर साल की तरह ही पूर्व सपा नेता फरहान शकील ने यात्रा निकाली। लेकिन अबकी यात्रा का स्वरूप बदला बदला दिखाई दिया। गांधी जयंती यात्रा समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के बैनर तले निकाली गई और स्वयं शिवपाल सिंह यादव ने यात्रा को शहर के पचराहे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शहर के विभिन्न चौराहों से निकली इस यात्रा में भारी संख्या में शिवपाल सिंह समर्थक सेक्युलर मोर्चा के झंडे लगी बाइकों व कारों के काफिले के रूप में चल रहे थे। यात्रा भले ही गांधी जी की याद में निकाली गई हो लेकिन नारे शिवपाल चच्चा जिंदाबाद के लग रहे थे।
तेजी से बढ़ रहा है मोर्चाः शिवपाल
समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संयोजक शिवपाल सिंह यादव ने गांधी जयंती यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि मोर्चा तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर जिले से लोग जुड़ रहे हैं। बड़े बड़े नेता साथ में आ रहे हैं, अभी तक कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक साथ आ गए हैं। सेक्युलर मोर्चा का मकसद गरीब शोषितों की मदद करना है, साथ ही ये उन लोगों के लिए बनाया गया है जो अपने दलों में वर्षों मेहनत के बाद भी उपेक्षित हैं।
सपा भी नहीं है पीछे, गांव गांव साइकिल रैली
शिवपाल सिंह यादव के समर्थक सेक्युलर मोर्चे के गठन के बाद से अपनी ताकत दिखा रहे हैं तो दूसरी ओर सपा भी अपने को कमजोर नहीं पड़ने दे रही है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के चचेरे भाई जिपं अध्यक्ष अभिषेक यादव अंशुल जिलेभर में साइकिल रैलियां निकालकर कार्यकर्ताओं में न केवल जोश भर रहे हैं बल्कि वे स्वयं भी कई कई किमी साइकिल चला रहे हैं। साइकिल रैली में जिला समाजवादी पार्टी भी जिलाध्यक्ष गोपाल यादव व अन्य पदाधिकारियों के साथ पूरे दमखम से जुटी हुई है। मंगलवार को सपा की साइकिल रैली भरथना तहसील क्षेत्र में निकाली गई। जबकि इसके पहले रविवार को बढ़पुरा ब्लाक में रैली निकाली थी। 14 सितंबर को गाजीपुर से यहां पहुंची साइकिल यात्रा को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली के लिए रवाना किया था। इस यात्रा में मैनपुरी सांसद तेज प्रताप यादव, जिपं अध्यक्ष अभिषेक यादव ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। श्री अंशुल ने बताया कि वे एक महीने तक साइकिल चलाकर जिले के गांव गांव जाएंगे और युवाओं को पार्टी से जोड़कर मजबूत करेंगे।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार
बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।
कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।
यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।
टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं
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कानपुर – 78%
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लखनऊ – 76%
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वाराणसी – 76%
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मुरादाबाद – 76%
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संतकबीरनगर – 76%
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मेरठ – 75%
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प्रयागराज – 75%
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गौतमबुद्ध नगर – 73%
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बलिया – 73%
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मिर्जापुर – 73%
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