Categories: Uncategorized

वह लोग जिनसे कब्र में सवाल जवाब नहीं होगा , कब्र में इनके ….

अस्सलाम वालेकुम प्यारे भाइयों और बहनों आज हम आपको बताएंगे अजाबे कब्र के बारे में 8 ऐसे लोग हैं जिनके ऊपर कब्र के आजाब नहीं होते वह खुशनसीब लोग नबी ,शहीद ,जिहाद में लड़ने वाले, ताऊन में मरने वाले, ताऊन में सब्र करने वाले ,बच्च,जुमा के दिन मरने वाल, सुरे इखलास पढने वाले रात के वक्त सूरह मुल्क पढ़ने वाले ।

आइए जानते हैं इन लोगों के ऊपर कब्र के आजाब क्यों नहीं होते।नबी के बारे मे कहा गया है जब जमहूर उलमा और अंबिया इकराम का हिसाब नहीं होगा क्योंकि क्योंकि उनका अगर कबर में हिसाब नहीं होगा तो उनका हिसाब नहीं होगा और उन्हें जननत मे डाल दिया जाएगा। दूसरा शहीद के बारे में कहा गया है कि उन्हें मुर्दा ना कहें कि शहीद हमेशा जिंदा रहेंगे कुरआन पाक में शहीद के बारे में कहा गया है कि वह जिंदा है.

उन्हें मुर्दा ना कहो अल्लाह की तरफ से खिलाए पिलाए जाते हैं लेकिन तुम इस बात का इलम नहीं रखते हो अल्लाह ताला ने उन्हें जिंदा रखा हुआ है। अगला नंबर जिहाद करने वालों का आता है जहाद की तैयारी करने वालों का असल मकसद यही है कि वह दिन और दीन हक के लिए लड़ रहे हैं हक के लिए लड़ना आपको बुनियादी तौर पर हिसाब किताब से बचाता है ताउन में मरने वाले से मुराद वह है जो लोग बीमारी में मरते हैं बीमारी में मरने वालों के ऊपर अल्लाह ताला की शफकत होती है ।

जो लोग बीमारी में मरते हैं वह मरने से पहले अपने जिस्म को अल्लाह ताला के पास जाने के लिए पाक साफहोते हैं बीमारी से पाक साफ हो करके अल्लाह ताला के पास होते हैं बीमारी इंसान के गुनाहों को खत्म कर देती और गुनाहों को साफ करके अल्लाह ताला के पास जाता है तो ऐसे लोगों के हिसाब किताब नहीं होता वह लोग ऐसे ही होते हैं जैसे उनकी मां ने उन्हें अभी जाना पाक साफ एक बच्चे की तरह अगला नंबर है तो उनमें सब्र करने वाला सब्र के बारे में फरमान क्या है कि आप सब लोग जानते है इननलल्लाह मअससाबीरीन अल्लाह ताला सब्र करने वाले के साथ है.

अल्लाह उसका दोस्त है अल्लाह किसका दोस्त है जो अल्लाह पे तवक्कल करे अल्लाह उसका दोस्त है तो अल्लाह सब्र करने वालो के साथ है उम्मते मोहम्मदी में 70 करोड़ लोगों का ज़िक्र है जो सब्र करने वाले है अल्लाह उनके साथ है ।छोटे बच्चे जो पैदा होते है वो कुछ नही जानते हर गुनाह से पाक होते है वो जन्नत में जायगे।इसके बाद जुमे को मरने वाला उस दिन अल्लाह ताला ने बख्शीश का कहररखा है।हर रात सूरह मुल्क पड़ने वालो से अल्लाह ताला की हिसाब में सवाल जवाब की बंदिशो को रोकदिया जाता है और अब आखिरी है मरजे मौत में 3 बार सूरः इखलास पढ़ने वाला जो शख्स 3 मर्तबा कुल वल्लाह हु अहद अल्लाहू समद लम यलिद वलम यूलद पड़े वो यह वो शख्स है जो अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त पर अपने ईमान की दलालत करता है.

और वो जानता है अल्लाह की पाक ज़ात उसे माफ करेगी।और 3 दफा सूरः इक्लास पड़ने से पूरे क़ुरआन के पढ़ने का सवाब मिलता है जो इतना सवाब लेकर जारहे उस शख्स की कैसे पकड़ होसकती है और ये याद रखियेगया ये सब अल्लाह के फ़ज़ल से होता है कोई ये सोचे कि अपनी नेकियों के बल पे जन्नत में चला जायेगा।नाजरीन ऐसा मुमकिन नही।हमेशा अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त से मदद मांगनी चाहिए हमारे गुनाहो को बक्श दे और डरते रहना चाहिए अल्लाह हम सबको गुनाहों से बचने की तौफ़ीक़ दे और नेक आमाल करने की आमीन।

बलिया ख़बर

Recent Posts

तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता

बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा)…

1 day ago

CBSE ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता में जमुना राम स्कूल की बेटियों का कमाल, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान

गोरखपुर स्थित बी.एन. पब्लिक स्कूल में 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित सीबीएसई…

4 days ago

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जमुना राम पीजी कॉलेज में हुआ पौधरोपण, वन महोत्सव-2026 का आयोजन

बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना…

3 weeks ago

आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश

बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…

1 month ago

धूप में पसीने से तरबतर एक डॉक्टर! बलिया को सुषमा शेखर जैसे नेताओं की ज़रूरत क्यों है?

सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…

1 month ago

फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…

1 month ago