बलिया। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से नदियों के किनारे वाले इलाकों में अबगी से बाढ़ जैसी स्थिति होने लगी है। लगातार हो रही बारिश से न सिर्फ कटानरोधी कार्यो की सरकारी पोल खुल रही है, बल्कि गंगा और घाघरा नदियां उफनाने लगी हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन गंगा किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट जारी कर रहा है। नदियों के जलस्तर में वृद्धि का क्रम यूं ही बना रहा तो घाघरा नदी लाल निशान को पार कर सकती है, क्योंकि लाल निशान और नदी के बीच का फासला महज 17 सेमी बाकी रह गया है।
रविवार को सिचाई विभाग के बाढ़ अनुभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बलिया के गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे 52.400 मीटर रिकार्ड दर्ज किया गया। यहां खतरा विन्दु 57.615 मीटर है। वहीं, डीएसपी हेड पर घाघरा नदी का जलस्तर 63.840 मीटर तथा चांदपुर गेज पर 57.08 मीटर दर्ज किया गया।डीएसपी हेड पर खतरा बिंदु 64.01 मीटर तथा चांदपुर गेज पर 58 मीटर है। इस तरह डीएसपी हेड पर घाघरा नदी खतरा बिंदु से महज 17 सेमी दूर है। वहीं गंगा में पानी इतना हो गया है कि बाढ़ का पानी एनएच-31 को छूने लगा है।
गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। गंगा के डेंजर प्वाइंट किलोमीटर 27.500 के पास स्थिति भयावह दिख रही है। यहां स्पर निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे का सहारा लेकर नदी एनएच-31 को छूने लगी है।लेकिन बाढ़ विभाग व कार्यदायी संस्था का कहीं अता-पता नहीं है। निचले हिस्से में पानी भरने लगा है, मगर सरकारी लोग नदारद हैं। यदि नदी का रूख और बाढ़ विभाग की नीति नहीं बदली तो जिले में विषम परिस्थिति से सामना करना पड़ सकता है।
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