भूमि विवाद मामले में विनय सिंह को मिली क्लीन चिट, DM ने सुरेंद्र सिंह के आरोपों को किया खारिज

बलिया डेस्क : इब्राहिमाबाद ज़मीन विवाद मामले में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के भांजे विनय सिंह को बड़ी राहत मिली है। जिलाधिकारी हरिप्रताप शाही ने बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह, सपा नेता दिवान सिंह सहित तीन लोगों की शिकायतों को खारिज करते हुए इस मामले में विनय सिंह को क्लीन चिट दी है। जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर कहा है कि आराजी नंबर 702 व 795 का बैनामा संवैधानिक नियमों का पालन किया गया है।

आदेश में ये भी बताया गया है कि बेचने वाले कास्तकारों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। बता दें कि सुरेंद्र सिंह के साथ ही चार लोगों ने विनय सिंह पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी कंपनी के लिए इब्राहिमाबाद स्थित मेले की ज़मीन को फर्जी तरीके से अपने नाम कराया। इस संबंध में 10 जून को ज़िलाधिकारी को एक पत्र भी लिखा गया था। जिसमें कहा गया था कि विनय सिंह निदेशक शिवम एरा प्राइवेट लिमिटेड ने ज़मीन पर भूमाफियाओं से रजिस्ट्री कराई जो कि अवैध है।

इसकी जांच होनी चाहिए और मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस शिकायत के आधार पर ही ज़िलाधीकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। मामले की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया था। जांच टीम की रिर्पोट के आधार पर 3 सितंबर को जिलाधिकारी ने क्रेता विक्रेता व उक्त जमीन के रजिस्ट्री को वैध करार दिया। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, कहीं भी नियम से इतर कोई भी कार्य नही हुआ है क्रेता ज़मीन का नामांतरण कराने व नामांतरण के बाद वह किसी भी प्रकार का निर्माण करा सकता है।

ज़िलाधिकारी ने यहां ये भी स्पष्ट किया कि अगर शिकायतकर्ता जांच से सहमत नहीं हैं तो वह कोर्ट का रुख़ कर सकते हैं। ज़िलाधिकारी द्वारा क्लीनचिट दिए जाने के बाद विनय सिंह ने बलिया ख़बर को बताया कि उन्होंने इब्राहिमाबाद की ज़मीन इसलिए ली है ताकि वह यहां उद्योग लगाकर इलाके के नौजवानों को ज़्यादा से ज़्यादा रोज़गार मुहैया करा सकें। उन्होंने कहा कि उनकी ये योजना एक साल में धरातल पर दिखने लगेगी।

विनय सिंह ने शिकायतकर्ताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग नहीं चाहते कि इलाके के नौजवान रोज़गार पाएं। ये लोग क्षेत्र का विकास नहीं चाहते। जांच रिपोर्ट से ये तो साबित हो गया है कि विनय सिंह ने ज़मीन के बैनामे में कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया।

ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने लोगों के बीच ये भ्रम क्यों फैलाया कि विनय सिंह ने ज़मीन हथियाने के लिए फर्जीवाड़ा किया। विनय सिंह के बयान के मुताबिक, क्या विधायक सच में इलाके का विकास नहीं चाहते? क्या वह नहीं चाहते कि बलिया में उद्योग लगे और इलाके के नौजवानों को रोज़गार मिले?

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