बलिया– पुलिस का काम सिर्फ अपराधियों को पकड़ना नहीं बल्कि जनता की मदद करना भी होता है। इसकी बेहतरीन मिसाल जिले के उभावं पुलिस ने पेश की है। जिससे की सोशल मीडिया से लेकर पुरे जिले में पुलिस वालों की हर जगह वाहवाही हो रही है।
मामला बेल्थरा रोड तहसील के तुर्तीपार में एक शादी का है जहाँ गांव की एक युवती की शादी में जयमाल के दौरान मामूली विवाद पर बारात लौटने लगी।
इसी बीच उभांव थाना पुलिस ने मानवता व सामाजिक कार्य की अनोखी मिसाल पेश करते हुए अनाथ युवती की शादी में हर अड़चन दूर करने को डटकर खड़े हो गए और शादी से पहले ही टूट रहे रिश्ते को जोड़ दिया।
इसके बाद हिदू रीतिरिवाज के साथ धूमधाम से शादी हुई और वधू की विदाई हुई। इस दौरान पुलिस देर रात तक शादी समारोह में मौजूद भी रही। जिले के पकड़ी थाना क्षेत्र के रामनक्षत्र के पुत्र रोशन की शादी तुर्तीपार गांव निवासी स्व. अशोक कन्नौजिया की पुत्री किरन के साथ तय हुई थी और तय कार्यक्रम के मुताबिक बारात तुर्तीपार गांव पहुंची। जयमाल स्टेज पर वर-वधू द्वारा एक दूसरे को वरमाला पहनाने की तैयारी हो रही थी।
इस बीच किसी बात को लेकर घरातियों और बारातियों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच मामूली झड़प के बाद में विवाद इतना बढ़ा कि दूल्हे के फौजी पिता ने अपने बेटे की शादी करने से इंकार कर दिया और बिना विवाह किए ही बारात वापस ले जाने की धमकी दे डाली।
बारातियों की धमकी से वधू पक्ष सकते में आ गया। इसकी भनक लगते ही थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक पंचायत की। पुलिस दोनों पक्ष को राजी करने में सफल हो गई और आपसी सहमति से शादी संपन्न करवाई। दुल्हन के पिता की मृत्यु सात माह पूर्व मजदूरी करते समय दीवार गिर जाने के दौरान हो चुकी है। पुलिस द्वारा अनाथ बालिका की शादी कराने की हर जगह सराहना की जा रही है।
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…