लखनऊ डेस्क : उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चनावों को लेकर मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है की दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जा सकती है. बताया जा रहा है कि जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार ऐसा फैसला ले सकती है.
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पंचायत चुनावों के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता भी तय होगी. ग्राम पंचायत चुनाव में महिला और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 8वीं पास शैक्षिक योग्यता हो सकती है. वहीं, 12वीं पास उम्मीदवार ही जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ सकेंगे. जिला पंचायत के महिला-आरक्षित वर्ग और क्षेत्र पंचायत के लिए न्यूनतम 10वीं पास होने पर सहमति बनी है.
योगी सरकार पंचायतीराज एक्ट में संशोधन के लिए बहुत जल्द कैबिनेट में प्रस्ताव ला सकती है. विधानसभा के अगले सत्र में ही पंचायतीराज संशोधन कानून से संबंधित विधेयक पेश हो सकता है. बताया जा रहा है अप्रैल 2021 में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियां पूरी होने से पहले ही नया कानून योगी सरकार लागू करेगी.
बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पहले दिसंबर 2020 में प्रस्तावित थे लेकिन कोरोना महामारी से पैदा हुई परिस्थितियों की वजह से उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी नहीं हो पाई हैं. ऐसे में अब 2021 में चुनाव प्रस्तावित हैं.
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