बलिया में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला अस्पताल परिसर में ट्रामा सेंटर बनवाया गया लेकिन जिला प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण निर्माण होने के बाद भी आज तक यह ट्रामा सेंटर चालू नहीं हो सका। जबकि एक महीने पहले जिले के दौरे पर आए सीएम अधिकारियों को ट्रामा सेंटर चालू करने के साफ निर्देश दे चुके हैं लेकिन फिर भी जिला प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
जिला प्रशासन की लापरवाही की इंतेहा देखिए कि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के आदेश को ही अनसुना कर दिया। आपको बता दे कि 18 जून को सीएम जनपद के सदर अस्पताल में पहुंचे थे। वहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाएं देखी, साथ ही साथ जिलाधिकारियों को ट्रामा सेंटर जल्द चालू करने के निर्देश दिए, अधिकारियों ने ट्रामा सेंटर चालू करने की हामी भरने की बजाए सेंटर न चालू करने की वजह गिना दी।
जब सीएम ने डीएम को सेंटर शुरु करने के निर्देश दिए तो उन्हें मानव व उपकरण संसाधनों की कमी बताई गई। तब सीएम ने आदेश दिए कि जल्द ही साधन उपलब्ध कराए जाएं। पहले जिला अस्पताल के सीएमएस ने सीएम को बताया कि ट्रामा सेंटर 2016 में संचालित किया गया था लेकिन संसाधन ही नहीं थे। अब जब सीएम ने सेंटर चालू करने के लिए संसाधन जुटाने के आदेश डीएम को दिए तो उन्होंने कुछ भी साधन उपलब्ध नहीं कराए।
यही वजह है कि ट्रामा सेंटर अब तक चालू नहीं पाया है। स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों ने ट्रामा सेंटर में कार्य करने के लिए संविदा पर ही सही चिकित्सकों को तैनात करने का मन बना लिया है। लेकिन संसाधनों के अभाव में कोई भी डॉक्टर यहां ड्यूटी करने तैयर नहीं हैं।
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