भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर हमेशा से बवाल होता रहा है लेकिन इस बार बवाल अमेरिका में होने वाला है। अमेरिका की इलेक्शन सिस्टम एंड सॉफ्टवेयर (ES&S) नाम की कंपनी ने कबूल किया है कि उसकी ईवीएम में एक ऐसा सॉफ्टवेयर था जिसके जरिए मशीन को रिमोट के जरिए हैक किया जा सकता था। बता दें कि ईवीएम बनाने वालों कंपनियों की लिस्ट में इलेक्शन सिस्टम एंड सॉफ्टवेयर (ES&S) का नाम सबसे ऊपर आता है।
कंपनी ने अमेरिकी सेनेटर रॉन वाइडेन दिए एक पत्र में कहा है कि साल 2000-2006 के बीच बेचे गए ईवीएम में pcAnywhere नाम का एक सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया गया था जिसके जरिए ईवीएम को रिमोट से हैक किया जा सकता है। मदरबोर्ड नाम की एक वेबसाइट की रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है और इसके पास वह पत्र भी है जिसमें कंपनी ने जवाब दिए हैं। बता दें कि 2006 में अमेरिका में हुए चुनाव में 60 फीसदी मशीन इलेक्शन सिस्टम एंड सॉफ्टवेयर (ES&S) ने ही दिए थे।
कंपनी के जवाब के मुताबिक रिमोट के जरिए मशीन को हैक करने वाला यह सॉफ्टवेयर वोटिंग मशीन के बजाय इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम टर्मिनल में था जिसका इस्तेमाल वोटिंग मशीन को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है, हालांकि कंपनी ने कहा है कि pcAnywhere सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल 2007 में बंद कर दिया गया था। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक pcAnywhere सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड हैकर्स ने उड़ा लिए थे और 2012 तक इस्तेमाल किए। हालांकि इस कंपनी की ईवीएम का भारत में होने वाले चुनाव में इस्तेमाल नहीं होता है।
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