बलिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए स्वचालित सीढ़ी यानि कि स्केलेटर लगाई गई थी। लेकिन 2 माह बीत जाने के बाद भी आज तक इसका उद्घाटन नहीं हो पाया है। ऐसे में मजबूरन यात्रियों को फुट ब्रिज से एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आना जाना पड़ रहा है। इससे ज्यादा समय तो खर्च होने के साथ ही बुजुर्गों और मरीजों को भी परेशानी हो रही है।
लगभग 85 लाख रुपए की लागत से इस स्केलेटर को बनाया गया है। कार्यदायी संस्था जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा सुरक्षा मानकों की जांच भी पूरी कर ली गई है। एजेंसी ने सीढ़ी रेल विभाग को हैंडओवर भी कर दी है। लेकिन अभी तक इसके उद्घाटन का इंतजार है।
बलिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का खासा दबाव रहता है। क्योंकि इस स्टेशन से राजधानी, स्वतंत्रता सेनानी जैसी सुपरफास्ट के साथ ही पवन एक्सप्रेस, गोंदिया-बरौनी, उत्सर्ग और हमसफर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें चलती हैं। छपरा वाराणसी रेलखंड का यह स्टेशन अधिक आय वाला स्टेशन है। क्योंकि हर दिन यहां करीब 6 से 7 हजार यात्रियों का आवागमन होता है।
ऐसे में रेलवे स्टेशन पर सेंसर युक्त स्वचालिक सीढ़ी लगाई गई थी। इसकी स्पीड 0.5 प्रति मीटर सेकेंड है। यात्री न होने पर इसकी स्पीड 0.2 प्रति मीटर सेकेंड की होगी और एक राउंड के बाद यह ऑटोमेटिक रुक भी जाएगा। यात्री आने पर यह ऑटोमेटिक चलने लगेगी और यात्री के गिरने पर अपने आप रुक जाएगी। पीआरओ अशोक कुमार का कहना है कि प्लेटफार्म संख्या एक पर यात्री सुविधा के लिए लगी स्वचालित सीढ़ी तैयार हो गई है। उद्घाटन के बाद यात्रियों के लिए जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
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