बलिया लिंक एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट निरस्त, इसकी जगह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को किया जाएगा विकसित

बलिया लिंक एक्सप्रेस वे अब निरस्त हो गया है। इसके स्थान पर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट को विकसित किया जाएगा। लिंक एस्सप्रेस का काम गाजीपुर के जंगीपुर से शुरु होकर मांझीघाट पर खत्म हो गया है। अब ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का काम किया जाएगा।

खास बात यह है कि गाजीपुर से बलिया होते हुए मांझीघाट तक प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के जरिए बिहार को भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब चार किलोमीटर आगे उत्तर दिशा में करिमुद्दीनपुर से बक्सर व आरा जिले तक जुड़ाव के लिए करीब 17.27 किलोमीटर लंबी ‘बक्सर स्पर’ परियोजना को मंजूरी मिली है। 260 करोड़ की लागत बनने वाला यह मार्ग टू-लेन लिक रोड होगा।

बक्सर स्पर खड़ीहा होते हुए बलिया के भरौली से करीब एक किलोमीटर आगे नेशनल हाईवे-82 (बलिया-बक्सर-आरा राष्ट्रीय राजमार्ग) पर गंगा के पुल पर खत्म होगा। बता दें कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट गाजीपुर के उत्तमनगर में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से भी जोड़ा जा रहा है। जिसके चलते अब यात्रियों का सफर आसान होगा।

इसके साथ ही करिमुद्दीनपुर में 150 करोड़ की लागत से एक आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) बनाने की भी योजना है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जाएगी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपिडा) और गाजीपुर व बलिया के प्रशासन को जमीनों का ब्योरा एकत्र करने के लिए पत्र लिखा गया है। मुआवजा राशि का आंकलन किया जाने लगा है।

बता दें कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे को पहले ही एनएच-29 (गोरखपुर-गाजीपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग) और एनएच-19 (गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट राष्ट्रीय राजमार्ग) से जोड़ दिया गया है, इस तरह बक्सर स्पर परियोजना के जरिए एनएच-84 के जुड़ने से तीसरे राष्ट्रीय राजमार्ग से कनेक्टिविटी हो जाएगी।

गौरतलब है कि एक साल पहले बलिया लिंक एक्सप्रेस वे परियोजना स्वीकृत हुई थी। यह गाजीपुर के हरदिया से शुरु होकर बलिया के फेफना के तीखा गांव तक बनना था। लगभग 33 किलोमीटर लंबी परियोजना का निर्माण होना था, 23 किलोमीटर सड़क गाजीपुर जबकि 10.20 किलोमीटर हिस्सा बलिया में था। निर्माण में 700 करोड़ की लागत आनी थी, जिसमें से प्रदेश सरकार ने 50 करोड़ आवंटित कर दिए थे।

दिल्ली की कंपनी एलएन मालवीय को सर्वे और डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन कंपनी ने सर्वे में गड़बड़ी करते हुए बलिया के 10 ऐसे गांव चयनित किए जो नेशनल हाईवे-19 से भी प्रभावित थे। वहीं आजमगढ़ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण परियोजना निदेशक एसके पाठक का कहना है कि बलिया लिक एक्सप्रेस-वे परियोजना को निरस्त कर दिया गया है। उसके स्थान पर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट को विस्तार दिया जा रहा है। यह परियोजना लिक एक्सप्रेस वे से ज्यादा बेहतर साबित होगी। इसके जरिए कई राष्ट्रीय राजमार्ग तक कनेक्टिविटी होने जा रही है।

Rashi Srivastav

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