बलिया जिले की सड़कों पर मंडराते हुए आवारा पशु आपको आसानी से दिख जाएंगे। कभी ये छुट्टा पशु बीच सड़क पर झुंड बनाकर बैठ जाते हैं, आवागमन को बाधित करते हैं, तो कभी किसानों की फसल बर्बाद कर देते हैं। इससे जिले के लोग बेहद परेशान हैं।
जिले में छुट्टा पशुओं को पकड़ने और उनकी रख-रखाव पर लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। जिले में दो वृहद समेत कुल 28 अस्थायी गोशाला हैं, जिनमें कुल 2,200 के आसपास पशु रखे गए हैं। इसके साथ ही छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए 12 टीमें भी शहर में घूम रही हैं लेकिन अवारा पशुओं का आंतक कम नहीं हो रहा है।
इन पशुओं से किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। किसान कड़ाके की ठंड में मसूर, मटर और गेहूं के फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में घुमंतू पशुओं द्वारा किसानों के फसल गेहूं, चना, मटर, सरसो, सब्जी के खेतों में धमा चौकड़ी करने और चरने से फसल बर्बाद हो रही है। किसानों का कहना है कि खेतों से घुमंतू पशुओं को भगाने पर मारने के लिए दौड़ा लेते हैं। किसान खेतों की निगरानी करने के लिए रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं।
वहीं कभी-कभी ये छुट्टा जानवर किसानों पर भी हमला कर देते हैं। जिससे उन्हें दोहरी परेशानी हो रही है। मामले को लेकर प्रभारी सीडीओ डॉक्टर संजय का कहना है कि छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए टीम बनाई जा चुकी है। अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ा जाएगा। जल्द ही आमजन को इनसे निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…