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बाढ़ से प्रभावित सुरहा ताल किनारे बसे गांवों का सर्वे जल्द शुरु होगा, किसानों को मिलेगा मुआवजा

बलिया में बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। सबसे ज्यादा प्रभावित सुरहा ताल किनारे के 30 गांव हुए। जहां किसानों के खेत-खलिहान उजड़ गए। अब ऐसे में अब कृषि विभाग ने किसानों की सुध ली है। जिला कृषि अधिकारी ने किसान संगठनों की मांग व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर बीमा एजेंसी के अधिकारियों को पत्र भेज कर इन गांवों का सर्वे करने को कहा है।जिन गांवों में सर्वे कराया जाएगा उनमें सुखपुरा, कैथवली, असेगा, मैरीटार, श्रीरामपुर, राजपुर, नरायनपुर, साहोडीह, जयंतीपार, सहपुरवा, शिवपुर, बसंतपुर, सलेमपुर, बजहां, सरयां, डुमरी, टघरौली, फुलवरिया, दिउली, बभनौली, मिड्ढा (बेरुआरबारी), शिवरामपुर, ब्रह्माईन, छोड़हर, बासदेवपुर, भीखपुर, श्रीपुर, सोनपुरा खुर्द, सोनपुरा कला, दुबौली शामिल हैं।बता दे कि बलिया में बाढ़ के पानी ने 100 से अधिक गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था। गंगा का जलस्तर बढ़ा तो कटहल नाले के रास्ते खेतों में पानी घुस गया। यहां तक कि सुरहा ताल का जलस्तर बढ़ने से जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में भी पानी भरा रहा।

गंगा का जलस्तर कम होने के बाद से ही कृषि विभाग व बीमा एजेंसी के अधिकारियों की संयुक्त टीम फसलों का सर्वे कर रही है। लेकिन सुरहा ताल के किनारे के गांवों में कोई सर्वे कार्य नहीं हो रहा था। ऐसे में किसान परेशान थे। पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने जिलाअधिकारी को ज्ञापन देकर क्षतिपूर्ति देने की मांग की थी। किसान संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने भी डीएम से मुआवजे की मांग की थी। जिसके बाद डीएम के आदेश पर जिला कृषि अधिकारी ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को पत्र

भेज कर सुरहा ताल के किनारे स्थित गांवों की सूची भेजते हुए सर्वेयर के माध्यम से सर्वे कराने का अनुरोध किया है।वहीं जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि किसानों ने जिलाधिकारी को बताया था कि सुरहा ताल के किनारे स्थित खेतों की फसलें बड़े पैमाने पर बाढ़ से बर्बाद हुई हैं। डीएम के निर्देश पर बीमा एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय को इन गांवों का सर्वे के कराने के लिए पत्र भेजा गया है।

Rashi Srivastav

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