जिला अस्पताल CMS के खिलाफ बलिया बंद, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा

छात्र नेताओं के आह्वाहन पर शुक्रवार को बलिया बंद है। जिला अस्पताल के सिएमएस के खिलाफ आज बलिया में छात्र कर्फ्यू लगाया गया है। पूर्वांचल संघर्ष समिति के नेतृत्व में छात्र नेता पूरे जिले में घूम-घूमकर बंदी को सफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जिला प्रशासन बलिया के दुकानों को खुलवाने की कवायद कर रहा है। साथ ही कुछ छात्र नेताओं की गिरफ्तारी भी हो रही है। आंदोलनकारी छात्रों की मांग है कि जिला अस्पताल के सीएमएस को निलंबित किया जाए।आज छात्र कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए छात्र नेता जिले भर में घूम रहे हैं। बलिया बंद को अभी तक लगभग सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। जिले के सभी व्यापारियों ने छात्र कर्फ्यू को समर्थन दिया है। सभी कोचिंग संस्थान, दुकानें और सामान्य आवाजाही बंद हैं। दूसरी ओर प्रशासन पूरी तरह सख्त है। पुलिस हर चौक-चौराहे पर तैनात है। ताकि किसी तरह की हुल्लड़ न मचे। कई जगह पुलिस ने लगभग एक दर्जन छात्र नेताओं को गिरफ्तार भी किया है।

क्यों कटा है बवाल: बलिया में पिछले दो हफ्तों से आंदोलन चल रहा है। जिले के छात्र नेता धरने पर बैठे हैं। पूरा मामला जिला अस्पताल में फैले भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। छात्र नेताओं की मांग है कि जिला अस्पताल के सीएमएस को तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही छात्र नेताओं पर सीएमएस द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा वापस लिया जाए। बता दें कि बीते दिनों छात्र नेताओं का एक गुट बलिया जिला अस्पताल के सीएमएस से मिलने गये थे। छात्र नेताओं ने जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सीएमएस से शिकायत की थी। आरोप है कि जिला अस्पताल के डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं।

सीएमएस का आरोप है कि शिकायत करने आए छात्रों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और तोड़फोड़ भी की। जिसे लेकर सीएमएस ने दो छात्र नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया था। सीएमएस ने आदित्य प्रताप सिंह योगी और सुरज गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। इसी के विरोध में छात्र नेताओं ने आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन का जब कोई असर प्रशासन पर नहीं पड़ा तब आदित्य प्रताप सिंह और सुरज गुप्ता ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। ये दोनों छात्र नेता का आमरण अनशन अभी भी जारी है। दोनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।सामाजिक कार्यकर्ता अतुल कुमार पाण्डेय ने बलिया खबर के साथ बातचीत में कहा कि ” प्रशासन दुकान खुलवाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन व्यापार मंडल के सहयोग से सभी दुकान बंद हैं। हमें उम्मीद है कि आज हमारी बात मान ली जाएगी। अगर आज भी मांगे नहीं मानी गई तब आंदोलन समिति आगे की रणनीति बनाएगी। लेकिन जब तक हमारी मांग मंजूर नहीं होती है हम आंदोलन करते रहेंगे। हमारी मुख्य मांग यही है कि जिला अस्पताल के सीएमएस को निलंबित किया जाए और छात्र नेताओं पर से फर्जी मुकदमे हटाए जाएं।”

 

 

Akash Kumar

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