जोरहट एयर बेस से उड़ान भरने के बाद लापता AN 32 विमान के मिलने के बाद उसमें सवार सभी जवानों की मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों को मिली परिजनों के आखों के आंसू सूखने का नाम नही ले रहे है.
उसी विमान में एक बलिया जिले का लाल सूरज सिंह भी सवार था. एस के सिंह के पिता का कहना है कि उन्हें पाने पुत्र सूरज कुमार सिंह मौत की पुष्टि टेलीफोन द्वारा जोरहट एयर बेस से मिली. वही भाई का का कहना है इस विमान को एयर फोर्स से हटा देना चाहिए क्योंकि इसी विमान से कुछ साल पहले उसके मामा की भी मौत हो चुकी है.
वायु सेना का विमान AN 32 तीन जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद लापता हो गया था। इस विमान में आठ क्रू मेंबर समेत 13 लोग सवार थे। सूरज सिंह बलिया के शोभाछपरा के रहने वाले थे और 19 फरवरी को ही उनकी शादी सोनबरसा निवासी रणजीत सिंह की पुत्री शालू सिंह से हुई थी। सूरज विवाह के बाद पहली बार बीते 12 मई को आए थे और 25 मई को लौट गए थे। सूरज सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और वह अपने छोटे दोनों भाइयों को भी सेना में भेजना चाहते थे ।
पिता विनोद सिंह तो बेटे की तस्वीर को देखते नहीं थक रहे हैं और उनके घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी हुई है जो सुन रहा है उनकी घर की तरफ दौड़ पड़ रहा है। सूरज के पिता विनोद सिंह की माने तो सूरज अभी मई के महीने ही छुट्टी पर घर आया था और उनको लिवर की बीमारी के इलाज के लिए कह रहा था। उन्होंने कहा कि काश सूरज 15 दिनों की जगह 24 दिनों की छुट्टी पर रहा होता तो शायद इस हादसे से बच जाता।
पढ़ाई के दिनों से ही सूरज अपने दोस्तों के बीच बहादुरी के लिए जाने जाते थे। मिलनसार स्वभाव के सूरज पर इलाके के लोगों को बहुत नाज था। दिसंबर 2014 में देश सेवा का जज्बा लेकर भारतीय वायु सेना नें भर्ती हुए सूरज को हमेशा देश के लिए कुछ करने की जिद रहती थी। वह गांव के युवाओं को डिफेंस में जाने के लिये प्रेरित भी करते थे ।
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…
बांसडीह की राजनीति हमेशा से बलिया की सबसे चर्चित सियासी ज़मीन रही है। 2027 से…