लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद बुधवार को रायबरेली के भुएमऊ गेस्ट हाउस में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।
इसमें प्रत्याशियों ने संगठन और नेताओं पर हार का ठीकरा फोड़ा। टिकट बांटने में देरी, गलत जगह से टिकट देना, कमजोर संगठन और प्रचार में किसी भी तरह की सांगठनिक मदद न मिलने को उन्होंने हार की वजहों में गिनाया है।
लोकसभा उम्मीदवार रहे लोगों ने राज बब्बर और प्रियंका के सामने यह तक कहा कि अगर संगठन का यही हाल रहा तो आगे के रास्ते और चुनौतीपूर्ण होने जा रहे हैं।
सलेमपुर से कांग्रेस उम्मीदवार रहे पूर्व सांसद राजेश मिश्र से जब प्रियंका ने हार की वजह पूछी तो वह बोले, आपने सलेमपुर ले जाकर मुझे फंसा दिया। मैं बनारस से लड़ना चाहता था। वहां हारता भी तो 4 लाख वोट मिलते। 25 दिन पहले सलेमपुर से चुनाव लड़ने को कहा गया। 250 किमी का चुनाव क्षेत्र है। संगठन है नहीं। क्या करता? जो कर सकता था किया।
डॉ. राजेश मिश्र ने सुझाव दिया कि पार्टी की तैयारी विधानसभा उपचुनावों से ही होनी चाहिए। अभी से प्रभारी और प्रत्याशी घोषित किए जाएं। प्रभारी अपनी जवाबदेही पर चुनाव लड़ाएं। उन्होंने लखनऊ कैंट सीट का प्रभार लेने की इच्छा जताई है।
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