बलिया। कृषि कानूनों के विरोध में अन्य किसान संगठनों के साथ ही अब संघ से जुड़े भारती किसान संघ ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इतना ही नहीं इस के आखिरी तक कृषि कानूनों और MSP पर मांग पूरी न होने पर 8 सितंबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं भारतीय किसान संघ का कहना है कि RSS केंद्र सरकार से मिला हुआ है। तभी हमें आदोंलन करने की जरूरत पड़ रही है। RSS से जुड़े भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र इस महीने के अंत तक कृषि कानूनों और एमएसपी पर उसकी मांगों पर कार्रवाई करने में
विफल रहता है तो वह 8 सितंबर से देशव्यापी आंदोलन करेगा। इसमें कहा गया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागत के आधार पर तय किया जाना चाहिए। किसानों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए एक नया कानून बनाया जाना चाहिए ताकि नए कृषि कानूनों से उत्पन्न विवाद को हल किया जा सके। बीकेएस कोषाध्यक्ष युगल किशोर मिश्रा ने नगरा में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिलता है। एमएसपी लाभकारी नहीं है। आरएसएस नरेंद्र मोदी सरकार नहीं चलाती।
नहीं तो हमारे संगठन को आंदोलन नहीं करना पड़ता। कोई भी सरकार किसानों के हित के मुद्दों पर गंभीर नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी दोनों सरकारों ने किसानों की उपेक्षा की, मिश्रा ने जवाब दिया, ”बिल्कुल। उन्होंने कहा कि न तो अटल सरकार ने और न ही मोदी सरकार ने लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य के मुद्दे पर विचार किया।
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