सुखपुरा। प्रशासन की मनमानी से राशन कार्ड बनाने के लिए गरीब भटक रहे हैं। राशन कार्ड बनवाने के लिए जरूरी कागजात बनाने के चक्कर में गरीबों को प्रतिदिन की रोजी रोटी प्रभावित हो रही है। जिला मुख्यालय पहुंचकर राशन कार्ड बनवाने के लिए वे दिनभर परेशान हो रहे फिर भी काम नहीं हो रहा।
समाजवादी पार्टी की सरकार से लेकर वर्तमान सरकार तक राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कापी, फोटो सहित जरूरी कागजात कोटेदारों व ग्राम प्रधानों के यहां जमा कराया गया। फिर भी राशनकार्ड नहीं बना।
यही नहीं जिन लोगों का पहले राशन कार्ड की सूची में नाम दर्ज था उनका भी नाम सूची से काफी संख्या में काट दिया गया है। जब इस बारे में आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से कार्डधारक पूछते है तो उनका जवाब होता है कि आपने आधार कार्ड जमा नहीं किया होगा, इसलिए सूची से नाम कट गया है। फिर से उपरोक्त प्रक्रिया करने की बात कही जाती है, जिससे लोग काफी परेशान हो जाते हैं।
सबसे बड़ी समस्या एपीएल कार्ड धारकों की है। सरकारी विभाग राशन कार्ड को पहचान पत्र व स्थाई पता के लिए जमा कराता है। अब एपीएल कार्ड को खत्म करा दिया गया है।
कस्बा निवासी बूढ़ा शर्मा का कहना है कि वह अपने संबंधित कोटेदार व ग्राम प्रधान के यहां कागज जमा कर दिया हूं। अब कोटेदार का कहना है कि उसको राशन कागजी काम पूरा होने के बाद ही मिल पाएगा। विनोद सिंह का कहना है कि शासन ने पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया है।
पैन कार्ड के लिए एड्रेस प्रूफ के लिए राशन कार्ड अनिवार्य है। अब स्थिति यह है कि एपीएल राशन कार्ड बन ही नहीं रहा है। प्रमोद ने बताया कि राशन कार्ड बनवाने के लिए उन्होंने कई बार आवेदन किया लेकिन आज तक उनको कार्ड नहीं मिल पाया।
प्रवीण सिंह कहते हैं कि उनके मुहल्ले के ग्राम पंचायत सदस्य उनसे सभी कागजात घर आकर ले गए, लेकिन आज तक राशन कार्ड नहीं बन पाया है। समझ में नहीं आ रहा है कि कब तक हम लोगों का राशन कार्ड बनेगा।