बलिया के 2 युवाओं को हिंदी युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार 2023 मिला है। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे नगर में जश्न का माहौल है। रसड़ा की रहने वाली प्रोफेसर दीपिका सिंह और दुबहर ब्लॉक के रहने वाले अतुल कुमार ने साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
बता दें कि रसड़ा की रहने वाली दीपिका सिंह शशि भूषण बालिका डिग्री कॉलेज लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। वो बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से JRF NET PhD क्वालिफाइड हैं।
दुबहर ब्लॉक के भुइली के रहने वाले अतुल कुमार ने बीएचयू से संगीत की शिक्षा ली है। उनकी लेखनी ‘चांदपुर की चंदा’ को हिन्दी में युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार 2023 मिला है। अतुल ने 2018 में ‘चांदपुर की चंदा’ को लिखना प्रारंभ किया था। जिसे कोरोना काल के लॉक डाउन में पूरा किया।
उन्होंने इस पुस्तक में बेटियों की शिक्षा में आड़े आने वाली समस्याओं को उकेरा है। उन्हें इस रचना पर काफी सराहना मिली है। बड़े-बड़े आलोचकों ने उपन्यास ‘चांदपुर की चंदा’ की समीक्षा लिखी है। अतुल जिले के पहले ऐसे युवा लेखक हैं, जिन्हें साहित्य अकादमी का युवा पुरस्कार मिला है।
साहित्य के क्षेत्र में सबसे बड़ा पुरस्कार मिलने पर अतुल राय ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से पाठकों का अपार प्यार अर्जित करने वाले इस उपन्यास को आज साहित्य अकादमी ने साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार दिया है। इसकी रचना प्रकिया और अपने जीवन के संघर्ष को याद करूं तो मेरे लिए आज का ये बेहद भावुक क्षण है। अतुल ने अपने उपन्यास के पाठकों व मित्रों का आभार जताते हुए कहा कि मेरी जिम्मेदारी यहां से और बढ़ जाती है। उम्मीद है आगे कुछ और अच्छा लिखूंगा। जो पाठकों को और ज्यादा मानवीय बनाए और मनुष्यतर चेतना विकसित करे।
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