बलिया डेस्क : बलिया में एंबुलेंस के नाम पर किस तरह से मरीजों का शोषण किया जाता है, यह बात अब किसी से छुपी नहीं है. सरकार की तरफ से चलने वाली एंबुलेंस हो या फिर प्राइवेट एंबुलेंस, एंबुलेंस संचालक मजबूरी का फायदा उठाकर जमकर इसका दुरुपयोग करते हैं.
मनमानी तरीके से तीमारदारों से पैसा वसूला जाता है. इसके साथ साथ प्राइवेट एंबुलेंस वाले निजी अस्पताल से सेटिंग करके कमीशन के लिए मरीजों को वहां भर्ती करा देते हैं और अपमा कमीशन ले लेते हैं. इस तरफ यह खेल प्रशासन की नाक के नींचे होता है लेकिन बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं की जाती है.
ऐसे में प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों द्वारा मरीजों का खूब शोषण किया जाता है. एक हकीक़त यह भी है कि बलिया में महज़ 111 एंबुलेंस पंजीकृत हैं लेकिन हकीक़त पर गौर करें तो अपने यहाँ सैंकड़ों की तादाद में सड़क पर एंबुलेंस दौड़ती नज़र आएँगी. इनमे न तो जीवन रक्षक उपकरण है और न ही यह मानकों पर खरी उतरती हैं.
ऐसे में आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यह एंबुलेंस किस तरह से अपने खेल को अंजाम दे रहे हैं और घोर मुनाफा कमा रही हैं. लोगों का यह भी कहना है कि इन एंबुलेंस को न तो पुलिस की तरफ से रोका जाता है और न ही परिवहन विभाग की तरफ से, ऐसे में यह खूब फायदा उठाते हैं.
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