बलिया के किसान अपने धान बेचने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं. अधिकारीयों से फ़रियाद कर रहे हैं. क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं. बड़ी बात यह है कि हालत यह है कि बलिया के 75 फीसदी क्रय केंद्र बंद पड़े हैं.
जबकि दूसरी तरफ सरकारी आंकड़ों का कहना है कि बलिया में 99 फीसदी धान की खरीद हो चुकी है. जोकि हकीक़त से बिलकुल उलट है.दर असल इस साल 15 15 अक्तूबर से 28 ग=फ़रवरी तक धान खरीद होना था और इसके लिए 75 क्रय केंद्र खोले गए थे.
लेकिन 15 दिसंबर को एनसीसीएफ के 12 क्रय केंद्र को बंद कर दिया गया और इसके बदले में कोई दूसरा क्रय केंद्र नहीं खोला गया. मौजूदा स्थिति यह है कि अब बलिया में सिर्फ 22 क्रय केंद्र ही खुले हैं.
आपको बता दें कि सत्यापन के बाद रजिस्टर्ड किसानों को खरीद के लिए एक टोकन दिया जाता है. लेकिन अभी तक 423 किसानों के बैंक खाते का सत्यापन पीएफएमएस नहीं कर पाया है और जिसकी वजह से खरीद रुकी पड़ी है.
वहीँ इस तरह की तमाम परेशानी की शिकायत किसानों ने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी से की थी, जिसके बाद उन्होंने मंडी समिति को धान की खरीदारी करने का आदेश दिया था. उन्होंने बंद पड़े तीन क्रय केंद्र को खोलवाया भी था.
जिला विपणन अधिकारी अविनाश चंद सागरवाल का कहना है कि अभी फिलहाल जिले में 22 क्रय केंद्र ही खुले हैं. उन्होंने कहा है कि किसानों के बकाया भुगतान और सीएमआर जमा नहीं करने की वजह से बाकी के केन्द्रों को बंद किया गया है. उन्होंने कहा है कि जो केंद्र खुले हैं वहां धान की खरीददारी की जा रही है.
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