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बलिया रोडवेज की 82 बसों में 30 पूरी तरह खटारा, केवल 19 बसें ही संचालन के योग्य

उत्तरप्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के जिले बलिया में रोडवेज बसों की हालत बदतर हो चली है। सिंह बलिया सदर सीट से विधायक हैं, उनके मंत्री रहते हुए भी जनपद में रोडवेज के हालात चिंताजनक हैं। रोडवेज की खटारा बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं।

जिले में रोडवेज की कुल 82 बसें हैं, इनमें 54 बसें परिवहन निगम की हैं और 28 अनुबंधित बसें हैं। इन 82 बसों में से 30 बसें एक्सपायरी हैं। यह बसें 11 लाख किमी के मानक सीमा को पार कर चुकी हैं, 10 बसें 10 लाख किमी का सफर पूरा करने वाली हैं। वहीं 5 बसें ऐसी हैं जो निर्धारित वक्त और किलोमीटर दोनों सीमा को पार कर चुकी हैं लेकिन अभी भी सड़कों पर दौड़ रही हैं।

इन बसों में अधिकांश खस्ताहाल हैं, जिनसे सफर करना जान जोखिम में डालने समान हैं। हर कभी रोडवेज की बसें चलते चलते बंद पड़ जाती हैं जिससे यात्री परेशान होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए 10 साल पुरानी व 10 लाख किमी चल चुकी बसों को नहीं चलाने का निर्देश दिया है। लेकिन इन नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

अगर नियमों को मानें तो 82 बसों में से केवल 19 बसें ही ऐसी निकलेंगी, जिनका संचालन किया जा सकता है। बलिया सीट से विधायक बने दयाशंकर सिंह को परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली और उनके द्वारा कई अन्य जनपदों के डिपो का निरीक्षण करने, जिला मुख्यालयों से लग्जरी वाहनों को लखनऊ तक चलाने, सेनानियों के नाम से बस प्रदेश के प्रत्येक शहर को जोड़ने के लिए बस सेवा शुरू करने की घोषणा की गई।

अब उम्मीद की जा रही है कि उनके मंत्री रहते विधानसभा क्षेत्र के रोडवेज बेड़े व स्टैंड का कायाकल्प हो सकेगा लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। एआरएम राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि बसों की स्थिति से विभागीय अफसरों को अवगत कराया गया है। अब नई बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी।

Rashi Srivastav

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