बलिया जिले में कई नर्सिंग होम व पैथालॉजी बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। इन क्लीनिकों में स्टाफ की कमी है। लिहाजा अप्रशिक्षित लोग ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं और उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं। कई पौथालॉजी अवैध रुप से संचालित हो रही हैं, जिनमें न तो पैथालॉजिस्ट हैं और न ही अन्य सुविधाएं।
बता दें कि जिले में करीब 200 से अधिक निजी अस्पताल व पैथालॉजी हैं लेकिन इनमें से केवल 50 का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। बाकी अवैध रुप से संचालित हो रही हैं। यह स्थिति शहरों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण व ब्लॉक स्तर पर भी दिखाई दे रही है।
इन क्लीनिकों में बिना रेडियोलॉजिस्ट के ही अल्ट्रासाउंड किया जा रहा हैं, अप्रशिक्षित लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अवैध रुप से संचालित यह क्लीनिक मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं और इलाज के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में तमाम नर्सिंग होम व पैथालॉजी बिना रजिस्ट्रेशन संचालित हो रहे हैं। यहां पर प्रशिक्षित स्टाफ की भारी कमी है। अप्रशिक्षित लोग ही मरीजों का इलाज करते हैं। पैथालॉजी भी बिना पैथालॉजिस्ट के ही चल रही हैं। सबसे ज्यादा अनियमितता रसड़ा क्षेत्र में है। यहां कस्बाई इलाके में इन पैथालॉजी पर लगाम नहीं लग पा रही। इसके अलावा बैरिया व बेल्थरारोड में करीब तीन पैथालॉजी आधा दर्जन निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।
बलिया सीएमओ डॉक्टर जयंत कुमार का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे नर्सिंग होम, पैथालॉजी व निजी अस्पतालों की जांच के लिए शीघ्र ही टीम का गठन किया जाएगा और अभियान चलाकर जिले भर में जांच की जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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