बलिया की हवा हो रही खराब, अस्पतालों में दिखने लगा असर, क्या है वजह?

अब तक अखबारों और खबरिया माध्यमों से दिल्ली के प्रदूषण की खबर हर किसी तक पहुंच रही थी। दिल्ली के यमुना नदी में विषैले झाग के बीच खड़ी होकर छठ पूजा के दौरान सूर्य को अर्घ्य देती महिलाओं की तस्वीरें देखने को मिलीं। दिल्ली की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो चुका है। प्रदूषण के चलते दिल्ली सरकार तालाबंदी करने पर विचार कर रही है। लेकिन अब यही बीमारी दिल्ली से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भी पहुंच चुकी है। बलिया में हवा की गुणवत्ता खतरनाक तरीके से खराब होने लगी है।

वाहनों के धुंए और सड़कों पर उड़ती धूल से धुंध छा गया है। बलिया के आसमान में एक कोहरा घेरे हुए दिखने लगा है। बीते कुछ दिनों से बलिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स ढ़ाई सौ को पार कर चुका है। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 271 था। आंकड़े बताते हैं कि बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स में पार्टिकुलेलट मैटर यानी पीएम 2.5 की मात्रा 265.7 था। इसके साथ ही हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड जैसी गैसों की मात्रा बढ़ी हुई है।

हवा की गुणवत्ता के मानक के हिसाब से बलिया के ये आंकड़े बेहद खराब हैं। ज्यादा दिनों तक यह स्थिति बने रहने पर दिल्ली की ही तरह बलिया में भी लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही त्वचा में एलर्जी भी बढ़ जाएगी। हवा की खराब गुणवत्ता की वजह से आंखों में जलन जैसी समस्याएं भी शुरू होने लगती हैं।

बलिया जिला अस्पताल में इस बढ़ते प्रदूषण का असर देखने को मिलने लगा है। जिला अस्पताल में पहले के मुकाबले तीस फीसदी तक सांस के रोगी बढ़ गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने वाली है। बता दें कि बलिया में अभी से ही ठंड पड़ने लगी है। शाम होते-होते कोहरे की एक परत देखने को मिल रही है। जो कि ओस नहीं बल्कि स्मॉग है। स्मोक और फॉग का मिश्रण स्मॉग होता है। जो कि बेहद जहरीला और सांस लेने के लिए खतरनाक होता है।

Akash Kumar

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