बलिया: पिता मिन्नतें करता रहा लेकिन समय पर नहीं आई एंबुलेंस, मां की गोद में ही नवजात ने तोड़ा दम

बलिया। स्वास्थ्य सेवाओं के सुपोषण के लिए प्रदेश सरकार हर तरह का फंड मुहैया कराने का दावा करती है लेकिन असल में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं कुपोषण का शिकार हैं और इन कुपोषित व्यवस्थाओं से लोगों की जिंदगी खत्म हो रही है। ताजा मामला बैरिया से है जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में एक पिता अपने नवजात को बलिया ले जाने के लिए एंबुलेंस वाले से मिन्नतें करता रहा, बार-बार फोन लगाता रहा, नवजात मां की गोद में पड़ा तड़पता रहा लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची और नवजात ने दम तोड़ दिया। अब बेबस पिता की आंखों से झलके आंसू सरकार से सवाल कर रहे हैं कि आखिर क्यों समय पर एंबुलेंस नहीं आई? अगर एंबुलेंस आ जाती तो मेरे बच्चे की जान बच जाती।

दरअसल मामला बैरिया थाना क्षेत्र के उपाध्यायपुर का है। जहां रहने वाले रंजय तिवारी के घर में एक नन्हें मेहमान की किलकारी गूंजी, कोटवां अस्पताल में पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया लेकिन सामान्य डिलेवरी होने के बाद दूसरे दिन से ही नवजात की तबीयत खराब होने लगी। उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। गुरुवार को रंजय अपने परिजनों के साथ बच्चे को लेकर सोनबरसा अस्पताल पहुंचा। जहां डॉ. विजय यादव ने प्राथमिक उपचार कर बच्चे को शिशु रोग विशेषज्ञ से दिखाने के लिए बलिया रेफर कर दिया। चूंकि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ थी ऐसे में चिकित्सक ने ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस से ले जाने की सलाह दी।

परिजनों ने एबुलेंस को फोन लगाया। एंबुलेंस संचालक 10-15 मिनट में आने की बात कहता रहा लेकिन इंतजार करते करते इतनी देर हो गई कि नवजात ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बार परिजनों ने सोनबरसा अस्पताल में हंगामा कर दिया। गुस्साए परिजन तीन घंटे से ज्यादा समय पर अस्पताल के मेनगेट पर धरने पर बैठे रहे। जानकारी होने पर उपजिलाधिकारी प्रशांत नायक ने रंजय को संबंधितों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की बात कही। बाद में परिजनों को समझा-बुझाकर घर भेजा गया।

फिलहाल रंजय ने बैरिया पुलिस को एंबुलेंस संचालकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं पूरे मामले में एसीएमओ डॉक्टर विजय कुमार यादव का कहना है कि मैंने स्वंय 108 नंबर पर एंबुलेंस को फोन किया था। इसके बाद इमरजेंसी में व्यस्त हो गया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। ऐसा कई बार हुआ है। कई बार एंबुलेंस के ड्राइवर कहते हैं कि हमें तेल नहीं मिलता है। कुछ तो खुद से लापरवाही करते हैं। एंबुलेंस के न आने से मासूम की मौत हो गई। इसकी रिपोर्ट 108 एंबुलेंस के उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

Rashi Srivastav

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