बलिया। सड़कों में गड्ढे या गड्ढों में सड़क, यह कन्फ्यूजन आपको जिले की ज्यादातर सड़कों को देखकर होगा। इन सड़कों के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहें, सुधरे भी कैसे? क्योंकि अधिकतर सड़कों की मरम्मत के लिए शुरु हुआ काम कभी पूरा ही नहीं होता। यही हाल है गाजीपुर से हाजीपुर को जोड़ने वाले एनएच-31 का। इस सड़क की हालत इतनी जर्जर है कि चलना भी मुश्किल है। कई बार शिकायतों के बाद इस मार्ग की मरम्मत के लिए टेंडर जारी हुआ लेकिन इसे मार्ग की फूटी किस्मत ही कहिए कि टेंडर जारी होने के बाद भी न तो मरम्मत हुई न मार्ग के हालात सुधरे।
गाजीपुर से माझी तक सड़क के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के 6 महीने बाद भी सड़क की मरम्मत का कार्य ठप्प पड़ा है। गाजीपुर से हाजीपुर तक करीब 104 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क के लिए पहली किस्त के रूप में करीब आधी रकम जारी हो चुकी है। इसके बावजूद सड़क निर्माण कछुआ चाल से हो रहा है। कोई बताने को तैयार नहीं है कि आखिर यह सड़क कब बनकर तैयारी होगी, जिससे लोगों में जमकर आक्रोश है।
सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने जब एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों को सड़क निर्माण में अनावश्यक देरी पर नाराज़गी जताई तो अधिकारियों ने सम्बन्धित ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया। इसमें चेतावनी दी गई कि जबतक हाजीपुर से मांझी तक सड़क का मरम्मत व सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा नहीं हो जाता, एनएचएआई के किसी भी टेंडर प्रक्रिया में फर्म हिस्सा नहीं ले सकेगी। इतना ही नहीं, फर्म की 10 करोड़ रुपये की बैंक गारन्टी निकालने पर भी रोक रहेगी। अब अधिकारियों की इतनी सख्त चेतावनी के बाद देखना होगा कि सड़क की मरम्मत होगी या नहीं, या फिर ठेकेदार सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाकर अपनी मनमानी पर अड़ा रहेगा।
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