नमाज़ इस्लाम का एक अहम् हिस्सा है और इस्लाम में नमाज़ जमात से पढ़ने का हुक्म आता है जिसमे जुमे की नमाज़ बहुत अहमियत रखती है वैसे तो ये नमाज़ मस्जिद में पढ़ी जाती है लेकिन अगर कहीं मस्जिद न हो तो ये कहीं भी पढ़ी जा सकती है और इसे भीड़ के साथ पढ़ना होता है यानी 10 से 20 आदमी तो इकठ्ठा हो ही जाते हैं लेकिन अभी इसी नमाज़ को लेकर एक मामला नोयडा में देखने को मिला है दरअसल नोयडा के एक पार्क में हर शुक्रवार को नमाज पढ़ी जाती है . लेकिन इस बार पुलिस ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे यह मामला सुर्खियों में आ गया .
यूपी पुलिस ने पार्क में नमाज पढ़ने वाले नमाजियों को एक बड़ा झटका दिया उन्होंने एक लेटर जारी किया है और उसमें कहा है कि पार्क में किसी तरह की धार्मिक गतिविधियां नहीं की जाएगी . नोएडा डीएम बीएन सिंह अपने बयान में कहा कि यह बात सभी धर्मों के लिए एप्लीकेबल है . लेकिन अगर कोई परमिशन लेकर विभिन्न गतिविधियों को पता है तो इससे हमें कोई दिक्कत नहीं है .
पुलिस द्वारा भेजे गए लेटर में कहा गया है कि पार्क में किसी तरह की धार्मिक गतिविधियां ना की जाए . नोटिस कंपनियों को भेजी गई है कि वह अपने मुस्लिम कर्मचारी से कहें कि पार्क में नमाज पढ़ने ना आए अगर वह नमाज पढ़ने पार्क में आते हैं तो कार्यवाही कंपनी पर की जाएगी .
एसएसपी ने बताया यह सभी के लिए है सुप्रीम कोर्ट की जो गाइड लाइन से कि बिना परमिशन के कोई भी धार्मिक गतिविधियां किस तरह से ना की जाए उसी के तहत इस फरमान को जारी किया गया है .नोएडा पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने नमाज के लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति मांगी थी लेकिन अभी तक उस पर कोई जवाब नहीं आया है . बताया जा रहा है शुरू में 10 से 15 लोगों ने पार्क में नमाज पढ़ना शुरू किया था धीरे-धीरे यह तादाद बढ़ती गई तादाद बढ़ती देख आसपास के लोगों ने पुलिस से शिकायत की .
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