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नबी(स.अ.व्.) कलेजी क्यूँ नहीं खाते थे? मुफ़्ती तारिक मसूद साहब का ये बयान ज़रूर सुने…

दोस्तों हमारे समाज में एक सवाल ऐसा जो कि हमेशा लोगों की जुबान पर रहता है कलेजी खाया जाए या नहीं ? जहां कुछ लोगों का कहना है कि कलेजी ना खाया जाए वहीं कुछ लोगों का कहना है की खा सकते हैं उसमें कोई हर्ज नहीं है .मशहूर आलिम तारिक मसूद सामने इस सवाल का जवाब दिया कि आख़िर नबी सल्लल्लाहो वाले वसल्लम कलेजी क्यों नहीं खाते थे . तारिक मसूद साहब ने अपने बयान की शुरुआत करते हुए कहा कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दांतो को लेकर बहुत ज्यादा ताकीद की और वह दांतों की सफाई बहुत ज्यादा करते थे अपने दांतो को कई बार साफ करते थे .

हर वक्त दांत साफ किया करते थे जब भी नबी कुछ खाया करते थे तो फौरन ख़िलाल किया करते थे . 24 घंटे नबी सल्लल्लाहु वाले वसल्लम के दांत साफ हुआ करते थे ऐसा नहीं था कि सोते हुए और सिर्फ उठते हुए .उन्होंने अपने बयान में कहा इन दोनों ने मुसलमानों से सीख कर इन दो वक्तों को अपना लिया सोते हुए और उठते हुए दांत को साफ करते हैं . हालांकि उनका कहना है कि दांत 24 घंटे साथ रहना चाहिए क्योंकि थूंक आपके मुंह में 24 घंटा जाता है .

दोस्तों अब बात आती है कलेजी की , कलेजी खाना चाहिए या नहीं ? अपने बयान में इस बात का जवाब देते हुए तारिक मसूद साहब ने बताया अल्लाह के नबी सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम कलेजी नहीं खाया करते थे . उन्होंने बताया अल्लाह के नबी सल्लल्लाहो वाले वसल्लम हर उस चीज को नहीं खाते थे जिस से बदबू आती थी जैसे की कलीजी और कच्ची प्याज वगैरह .

बल्कि इन चीजों को खाना जायज है लेकिन बदबू के कारण अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम इन चीजों से परहेज किया करते थे और इन चीजों को नहीं खाया करते थे जिसमें कलेजी भी शामिल है .दोस्तों नीचे दी हुई वीडियो में आप तारिक मसूद साहब का पूरा बयान सुन सकते हैं .

बलिया ख़बर

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