बलिया । कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रभाव जबसे बढ़ा है, तबसे बाजार से विटामिन सी व पैरासिटामाल जैसी दवाओं की मांग अचानक बढ़ गई है।
जिले में जुकाम, बुखार व बदन दर्द की दवाओं की बाजार में कमी होने लगी है। यहां तक की बुखार की दवा डोलो-650, अजिथ्रोमाइसिन, फेवी फ्लू, डॉक्सी व आइवरमेक्टिन आदि की बाजार में कमी हो गई है। इसके चलते मौसमी फ्लू से पीड़ित लोग दवाओं के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
दवाओं का संकट उत्पन्न होने की एक वजह यह भी है कि लोग डर की वजह से दवाओं को खरीद कर घरों में स्टोर कर रहे हैं। फीवर से पीड़ित लोग शुक्रवार को बुखार की दवा के लिए शहर भर में भटकते रहे, लेकिन उन्हें डोलो नहीं मिल सकी। इसके बाद लोगों को मजबूरी में दूसरी दवा खरीदनी पड़ी।
जिला अस्पताल में आक्सीजन की कमी
अभी तक जिले में आक्सीजन की समस्या का कोई सामाधान नहीं हुआ है। हालाँकि covid सेंटर L-2 बसंतपुर में तो आक्सीजन की आपूर्ति कुछ हद तक सामान्य हुई है, लेकिन जिला चिकित्सालय को आक्सीजन के संकट का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी भी दबी जुबान में आक्सीजन की कमी स्वीकार रहे हैं, लेकिन खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। तमाम लोग ऐसे हैं, जो जांच में कोरोना नेगेटिव आ रहे हैं, लेकिन उन्हें भी सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मरीजों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जा रहा है, लेकिन आक्सीजन की किल्लत मरीजों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
बलिया। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली कांग्रेस…
बलिया: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बलिया ख़बर की ओर से कराए गए…
बलिया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बलिया ख़बर की ओर से कराए गए…
बलिया। समाजवादी राजनीति में राम गोविंद चौधरी की पहचान और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की…
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…