आगामी मध्य प्रदेश और राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बीएसपी के बीच होने वाले संभावित गठबंधन टूटने के लिए बसपा अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। मायावती ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी बसपा से गठबंधन चाहते थे, लेकिन दिग्विजय सिंह के चलते यह गठबंधन नहीं हो पाया। शायद दिग्विजय ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों से डर रहे हैं।
इसके अलावा मायावती ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय पार्टियों से साथ मिलकर चुनाव लडे़गी। उन्होंने कहा कि बीजेपी की महिला विरोधी, पूंजीपतियों की सहयोगी और दमनकारी नीतियों के खिलाफ ही हमारी पार्टी ने गठबंधन करने का फैसला किया था।
मायावती ने कहा कि जैसा उनकी पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, वैसा ही वह अन्य राज्यों में करेंगी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीएसपी अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। हमारा कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात चुनाव परिणाम से कोई सबक नहीं लिया है। पिछले परिणामों से साफ पता चलता है कि जहां बीजेपी का सीधा मुकाबला कांग्रेस से रहा वहां बीजेपी ने आसानी से जीत दर्ज की। कांग्रेस को गलतफहमी है कि वह अकेले ही बीजेपी के साम, दाम, दंड भेद और ईवीएम जैसी चालों से पार पाकर जीत हासिल कर लेगी जो काफी हास्यास्पद है।
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