कायदे से जांच हो तो ईओ मणिमंजरी की खुदकुशी केस में कई सफेदपोश चेहरे बेनकाब हो सकते हैं!

बलिया डेस्क : नगर निकाय मनियर अधिशाषी अधिकारी मणि मंजरी राय की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है. आपको बता दें कि उन्होंने अपने घर पर खुद को फां’सी पर लटककर खुदकुशी कर ली थी. बताया जा रहा है कि मनियर नगर पंचायत के कार्यपद्धति और अनियमित तौर पर खोले गये 2 करोड़ के टेंडर को लेकर वह काफी नाखुश थी और इसे लेकर वह दबाव में चल रही थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गौरा बगही में बन रहे गौ आश्रय स्थल को लेकर ईओ काफी नाराज़ चल रही थी. कहा यह भी जा रहा है कि अनियमित रूप से खोले गये 2 करोड़ के टेंडर को लेकर ईओ ने साफ़ कर दिया था कि वह वर्क आर्डर जारी नहीं करेंगी.

उन्होंने कहा था कि बोर्ड से प्रस्ताव आने तक वह इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाएंगी. लेकिन दूसरी तरफ इसकी वजह से नाराज़ चल रहे चेयरमैन ने जिलाधिकारी ने ईओ से शिकायत की थी और उन पर विकास कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया था. ईओ न सिर्फ टेंडर को लेकर बल्कि निर्माण कार्य में घटिया स्तर का मटेरियल इस्तमाल होने से भी नाराज़ थी.

बता दें कि इस टेंडर के खुलने के दौरान ईओ न तो मौजूद थी और न ही कागजातों पर उनके हस्ताक्षर थे. इसके अलावा ईओ का कहना था कि मनियर के नगर पंचायत में अधिकारीयों को फ़ाइल भुगतान के समय ही देखने को मिलती है. इन्ही सब वजह से उन्होंने छुट्टी ले ली थी. इसके अलावा उन्होंने खुद को अलग करते हुए अपना अटैचमेंट जिला मुख्यालय करा लिया था. बता दें की सुसाइड नोट में भी मृतका ने विभागीय परेशानियों का जिक्र किया है, जिससे सवाल उठता है कि आखिर कौन वे लोग हैं, जिनसे मणि मंजरी परेशान थी. वहीं उसके पिता ने भी हत्या की आशंका व्यक्त की है.

मंगलवार सुबह पुलिस पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी थी। कोतवाल का कहना था कि प्रथम दृष्टया यह डिप्रेशन में आत्महत्या लग रहा है. सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. बहरहाल, अब वह इस दुनिया में नहीं रही लेकिन सोचने वाली बात है कि एक तेज़ तर्रार अधिकारी पर ऐसा कौन सा दबाव आ गया जो उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया. इस मामले में गहन जांच की ज़रुरत है. अगर कायदे से इसकी जांच हो तो परत दर परत कई मामले सामने आ सकते हैं और कईयों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.

वहीं कहा यह भी जा रहा है कि ईओ के पास ऐसी कई फ़ाइल्स मौजूद हैं जिसकी पड़ताल करके आसानी से मामले का खुलासा हो सकता है और यह बात भी समझी जा सकती है कि उन पर किस तरह का और कौन दबाव बना रहा था.

इस मामले में बलिया के पुलिस अधीक्षक देवेंद्रनाथ ने बताया है कि मनियर की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय ने सुसाइड क्यों किया यह अभी स्पष्ट नहीं है. आगे बताया कि उन्होंने कमरे में सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें स्वयं को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है. मामले की जांच की जा रही है. जल्द खुलासा किया जाएगा.

इनपुट – भाषा

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