ये नेता हो सकता है सलेमपुर सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार, पेश की दावेदारी

बुधवार को कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश में 16 और प्रत्याशियों के नामों की लिस्ट जारी कर दी। इससे पहले कांग्रेस ने पहली लिस्ट में 11 नामों की घोषणा की थी। दूसरी लिस्ट जारी कर कांग्रेस ने यह साफ़ कर दिया है कि वह सपा-बसपा गठबंधन के साथ चुनाव नहीं लड़ेगी।

इस फैसले के बाद अब यूपी कांग्रेस के ज़्यादा नेताओं को चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश सचिव डॉ. शशिकांत त्रिपाठी ने सलेमपुर लोकसभा सीट से अपनी दावेदारी पेश कर दी है।

माना जा रहा है कि अगर कांग्रेस इस सीट से उन्हें टिकट देती है तो वह पार्टी के लिए मज़बूत दावेदार हो सकते हैं।  फिलहाल इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है। 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के रविन्द्र कुशवाहा ने भारी मतों से जीतकर इस सीट को बीजेपी के खाते में डाला था। इससे पहले इस सीट से बसपा, सपा, जनता दल और भारतीय लोकदल के उम्मीदवार भी चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन इस सीट पर सबसे ज़्यादा बार चुनाव कांग्रेस ने ही जीता है। इस सीट पर कांग्रेस का कब्ज़ा 1952 से लेकर 1977 तक रहा है। हालांकि पिछले चुनाव की बात करें तो यहां कांग्रेस की स्थिति अच्छी नहीं रही है।

प्रियंका गाँधी के साथ शशिकांत त्रिपाठी

2014 लोकसभा चुनाव में यहां कांग्रेस पांचवें स्थान पर थी। पिछले चुनाव के आंकड़ों को देखते हुए यहां कांग्रेस के लिए ज़्यादा उम्मीदें तो नज़र नहीं आती, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि अगर पार्टी अपने कद्दावर नेता डॉ. शशिकांत त्रिपाठी को यहां से टिकट देती है तो कांग्रेस बीजेपी और सपा-बसपा गठबंधन को टक्कर दे सकती है।

कौन हैं डॉ. शशिकांत त्रिपाठी

पिछले चार दशक से कांग्रेस पार्टी की राजनीति कर रहे डॉ. शशिकांत त्रिपाठी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। जिन्हें जनवरी 2015 में यूपी कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश सचिव की ज़िम्मेदारी सौंपी। अपने छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय शशिकांत त्रिपाठी कांग्रेस में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 1977 से कांग्रेस से जुड़े डॉ. त्रिपाठी इससे पूर्व पार्टी के ज़िलाध्यक्ष, ज़िला उपाध्यक्ष, ज़िला महासचिव, ज़िला संयुक्त सचिव सहित यूपी कोआपरेटिव सेल के महासचिव भी रह चुके हैं। पार्टी में रहते हुए वह कई अहम मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरकर अपनी और आवाम की आवाज़ बुलंद करते रहे हैं।

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