बलिया के फेफना क्षेत्र के कटरिया गांव में आज सपा सुप्रीम अखिलेश यादव की जनसभा का आयोजन हुआ। अखिलेश यादव ने सपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनता को संबोधित किया।
अखिलेश के कार्यक्रम के लिए बड़ा सा मंच बनाया गया लेकिन इस मंच पर वरिष्ठ सपा नेताओं, पूर्व चेयरमैन और बलिया विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी लक्ष्मण गुप्ता को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिली।
वरिष्ठ नेताओं ने मंच पर खड़े-खड़े ही कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हैरानी की बात तो यह है कि जब वरिष्ठ नेता मंच पर अपमानित हो रहे थे तो तमाम छोटे नेता कुर्सी पर बैठे रहे।
लक्ष्मण गुप्ता मंच पर एक कोने में खड़े रहे। लेकिन उन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई।विधानसभा प्रत्याशी नारद राय और लक्ष्मण गुप्ता की बीच दुश्मनी पुरानी है। लेकिन दोनों नेताओं के बीच फूट सार्वजनिक मंच पर उजागर हुई। मंच पर नारद राय, संग्राम सिंह यादव, राजमंगल यादव, मंजू सिंह के साथ कुछ छुटभैये नेता कुर्सियों पर बैठे रहे।
लेकिन पूर्व चेयरमैन व पूर्व विधानसभा प्रत्याशी लक्ष्मण गुप्त से किसी ने बैठने के लिए पूछा तक नहीं।अकेला महसूस कर रहे लक्ष्मण गुप्ता मंच पर कुर्सी के पीछे कोने में खड़े रहे। उन्होंने वही से अखिलेश का स्वागत किया और पूरा कार्यक्रम खड़े होकर ही देखा।
वहीं जब इस बारे में लक्ष्मण से बात की गई तो उन्होंने अपने शालीन व्यक्तित्व का परिचय देते हुए कहा कि मैं समाजवाद का सिपाही हूं और अखिलेश यादव मेरे आदर्श है। मुझे बैठने के लिए कुर्सी भले ही नहीं मिली, लेकिन मेरी टांग इतनी कमजोर नहीं है कि मैं अपने आदर्श के कार्यक्रम में खड़ा न हो सकूं।
छुटभैया नेताओं के द्वारा कुर्सी नहीं छोड़ने के सवाल पर कहा कि ये तो उनके संस्कर है और कुछ लोग बहकावे आए हैं, जिन्हें न्याय-अन्याय और सही-गलत दिखाई नहीं दे रहा है।
रिपोर्ट – तिलक कुमार
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