1942 की अगस्त क्रांति की 80 वीं वर्षगांठ बलिया में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। शहर में जूलुस निकाला गया। इस दौरान आजादी में अपनी बलिदानी देने वाले अमर शहीदों को याद किया गया। लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी उमाशंकर सोनार व शहीद सूरज लाल को नमन करते हुए भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण परिषद के मंत्री, शिवकुमार सिंह कौशिकेय के नेतृत्व में अगस्त क्रांति उत्सव का परम्परागत जुलूस शहीद पार्क चौक से वंदेमातरम व भारतमाता की जय के नारे लगाते हुए निकाला गया। जो चौक से सेनानी उमाशंकर स्मारक चौराहा, रेलवे स्टेशन होते हुए क्रांति मैदान टाऊनहाल पहुंचकर समाप्त हुआ।
बता दें कि इस दौरान अमर शहीदों की वीरगाथा को याद किया गया। साल 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बलिया जिले के कांग्रेस नेता ठाकुर जगन्नाथ सिंह, चित्तू पाण्डे , राधामोहन सिंह, महानंद मिश्र, तारकेश्वर पाण्डेय आदि जेल में बंद थे। ब्रिटिश सरकार मनमानी पर उतारू थी। ऐसे माहौल में भी सेनानी उमाशंकर सोनार व अमर शहीद सूरज प्रसाद ने चौक से जुलूस निकाला, उमाशंकर जी ने ट्रेन से उतरे छात्रों से जुलुस में शामिल होने की अपील की। कामरेड विश्वनाथ प्रसाद मरदाना के नेतृत्व में मालगोदाम के मजदूर शामिल हुए थे।
बलिया के वीरों का हौंसला देख अंग्रेजों के इरादे पस्त हुए और बलिया गुलामी की बेड़ियों से आजाद हुई। इस दौरान जूलूस में मौजूद लोगों ने वीर शहीद जिंदाबाद के नारे लगाए। जूलूस में परिषद के सदस्य योगेन्द्र प्रसाद गुप्त, डॉ. दिनेश शंकर यादव, डॉ. राजकुमार गुप्त, सेनानी उत्तराधिकारी विनोद तिवारी, कौशल कुमार गुप्त, सरदार श्रवण सिंह , शिवमंदिर शर्मा, सागर सिंह राहुल, विरेन्द्र गुप्त, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, रंगकर्मी अभय सिंह कुशवाहा, पंकज कुमार, भाजपा नेता राजेश गुप्त आदि थे।
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…