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पत्रकार ह’त्या- SO शशिमौली पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहते थे बलिया के कप्तान !

बलिया डेस्क :  वैसे निलंबित थानाध्यक्ष शशिमौली पांडेय की कार्यशैली पर उसी दिन प्रश्नचिह्न लग गया था, जब शहर कोतवाल रहते हुए पिछले साल (4 मई 2019) को उनके आवास का ताला तोड़कर चोरों ने उनके सर्विस रिवाल्वर सहित दो पिस्टल पर हाथ साफ कर दिया था। नियमत: सर्विस रिवाल्वर चोरी हो जाने के बाद पुलिस महकमे में किसी भी दारोगा या पुलिसकर्मी को सीधे सस्पेंड कर दिया जाता है।

लेकिन शशिमौली पांडेय पर बलिया के एसपी देवेंद्र नाथ कुछ ज्यादा ही मेहरबान थे, नतीजन सजा स्वरूप उन्हें सिर्फ लाइनहाजिर किया गया था। इसके बाद चोरी का खुलासा हुआ और मामला ठंडा पड़ा तो एसपी ने उन्हें फेफना थाने की कमान सौंप दी, लेकिन यहां भी शशिमौली निकम्मा ही साबित हुआ। सोमवार की देरशाम पत्रकार रतन सिंह की हत्या के मामले में कहीं न कहीं अप्रत्यक्ष रूप से दोषी शशिमौली पांडेय भी है, क्योंकि रतन सिंह महीनों पहले ही उनके पास जानमाल की गुहार लगा चुके थे।

लेकिन शशिमौली ने मामले को गंभीरता से लेना मुनासिब नहीं समझा, नतीजन पत्रकार रतन सिंह को बदमाशों के गोली का शिकार होना पड़ा और असमय ही दुनिया से चल बसे। लेकिन इस मामले के बाद भी बलिया एसपी देवेंद्र नाथ शशिमौली पांडेय पर मेहरबान दिखे और लाइन हाजिर की कार्रवाई कर कोरम पूरा कर लिया, वह तो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने मामले को संज्ञान में लिया, तब जाकर फेफना थानाध्यक्ष शशिमौली पांडेय निलंबित हुए।

फरियादियों के साथ करते थे गालीगलौज- वैसे शशिमौली की पहुंच एसपी के साथ-साथ सत्ताधारी भाजपा के मंत्रियों तक भी है और यही पहुंच उनको अब तक बचा भी रही थी, लेकिन जब पराकाष्ठा पार हो गई तो उन्हें आखिरकार निलंबित होना ही पड़ा। सूत्र की मानें तो कोतवाली हो या उसके बाद फेफना थाना, फरियादी इनके पास फरियाद करने से बचते थे, क्योंकि जो भी फरियादी इनके पास फरियाद लेकर जाते थे, उनके साथ शशिमौली न सिर्फ झल्लाकर पेश आते थे, बल्कि गालीगलौज करके थाने से भी भगा देते थे।

इतना ही नहीं कोतवाल से डिमोशन होकर जब शशिमौली पांडेय को फेफना की जिम्मेदारी मिली तो कुर्सी संभालते ही यहां भी उधम मचाना शुरू कर दिए। रोड के किनारे जो भी ठेला-खोमचा लगाते थे या फिर कोई दुकानदार दुकान के बाहर पानी फेंकते थे तो शशिमौली उनसे जबरन जुर्माना वसूलते थे या फिर गालीगलौज करने के साथ उन्हें धमकाते भी थे।रिपोर्ट- तिलक कुमार 

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