बलियाः प्रदेश के कई जिलों में फर्जी तरीके मदरसों के संचालन और गलत तरीके से शासन की मदरसा आधुनिकीकरण योजना का लाभ लेने की शिकायतों के बाद प्रदेश के मदरसों की जांच कराई जा रही है। इसी के तहत जिले के 156 मदरसों की जांच शुरु हो गई है।
यह 156 मदरसों के द्वारा मदरसा आधुनिकीकरण योजना का लाभ लिया गया था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं। जो कि मदरसों की कमेटी भूमि, भवन, किरायानामा, मान्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच अधिकारियों को 15 मई तक रिपोर्ट देनी है।
बता दें कि आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसों में तीन अतिरिक्त शिक्षक रखे जाते हैं। एसडीएम के नेतृत्व में बनी कमेटी में नगरीय क्षेत्र की कमेटी में उपजिलाधिकारी, नगर शिक्षा अधिकारी के अलावा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, नगर पालिका या नगर पंचायत के ईओ की ओर से नामित अवर अभियंता को रखा गया है।
इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में उप जिलाधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी व खंड विकास अधिकारी की ओर से नामित अवर अभियंता को शामिल किया गया है। मामले को लेकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजीव कुमार यादव ने बताया कि कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जनपद में 156 मदरसे संचालित हैं। तीन मदरसे शासन से अनुदानित है। इनमें एक नगरीय क्षेत्र सिकदंरपुर में है।