बलिया जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती युवती को लेकर परिजन बिना डॉक्टर को सूचना दिए गायब हो गए। कहा जा रहा है कि युवती को फांसी लगाने की कोशिश के बाद अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। युवती का इलाज चल रहा था, बीच में ही परिजन बिना रेफर कागज लिए बीएसटी लेकर मऊ जनपद एक प्राइवेट नर्सिंग होम में लेकर चले गए, जहां युवती का इलाज चल रहा है।
इधर इस पूरे मामले में इमरजेंसी के चिकित्सक ने मेमो पर बीएसटी लेकर मरीज को ले जाने का मामला दर्ज कर दिया। जानकारी के अनुसार, मनियर थाना क्षेत्र के चांदूपाकड निवासी अंशिका 21 वर्ष पुत्री राजेश राजभर ने संदिग्ध परिस्थितियों में घर में फांसी लगाकर अपनी ईहलीला समाप्त करनी चाहिए। परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी हुई उसे तत्काल लेकर पीएचसी मनियर गए, जहा से हालत नाजुक देख चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने वाराणसी के लिए रेफर की कागजात भर ही रहे थे कि परिजन बिना डॉक्टर को बताए ही बीएसटी व युवती को लेकर प्राइवेट एम्बुलेंस से चले गए। बताया जा रहा है कि युवती का इलाज मऊ जनपद के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में चल रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर परिजन बिना डॉक्टर को बताएं और बीएसटी लेकर क्यों फरार हो गए? अगर बाहर ही जाना था तो रेफर कागज लेकर गए होते। इसको लेकर परिजनों पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खैर मामला जो भी हो यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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