बलिया। कोरोना महामारी के बीच नगर के महावीर घाट से दिल दहला देने वाली घटना प्रकाश में आई है। निर्मम परिजनों ने लकड़ी लेने के बहाने शव को वाहन में छोड़ भाग खड़े हुए। लगभग चार से पांच घंटे के इंतजार के बाद जब परिजन नहीं आए तो वाहन चालक दुविधा में पड़ गए। स्थानीय लोगों से मदद मांगी तो स्थानीय लोग भी कोरोना मरीज का शव होने के कारण साफ इंकार कर दिया।
मजबूरन वाहन चालक ने जैसे-तैसे शव को ले गया और गंगा जी में जल प्रवाह कर दिया। जानकारी के अनुसार सोमवार को एक अधेड़ व्यक्ति की कोरोना से जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजन शव का दाह संस्कार करने के लिए वाहन की तलाश करने लगे, लेकिन कोई भी तैयार नहीं हुआ।
अंतत: एक वाहन चालक तैयार हुआ लेकिन उसने जिला अस्पताल से महावीर घाट तक जाने के लिए छह हजार रूपए मांगा। परिजन राजी तो हो गए और शव को वाहन में लाद दिए। लेकिन जैसे ही महावीर घाट के रास्ते पहुंचा तो परिजनों ने लकड़ी खरीदने के बहाने शव को वाहन में ही छोड़ दिए।
लगभग चार से पांच घंटे बीत जाने के बाद जब कोई नहीं आए तो वाहन चालक स्थानीय लोगों से पूरी बात बताई लेकिन स्थानीय लोग भी कोरोना शव होने के कारण साथ देने से इंकार कर दिया। मजबूरन वाहन स्वामी ने जैसे-तैसे अकेले ही शव को गंगा जी में ले जाकर जल प्रवाह कर दिया।
रिपोर्ट – तिलक कुमार
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