बलिया। सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने शनिवार को जिला अस्पताल के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। मंत्री के आने की खबर पहले ही अस्पताल प्रबंधन को लग गई थी, जिसके चलते अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधार दी गई। लेकिन उनके जाते ही सारी व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई।
मंत्री के दौरे को देखते हुए अस्पताल में सुबह से साफ-सफाई का सिलसिला शुरू था। हेल्प डेस्क को दुरुस्त किया गया। हर वार्ड की चादर बदली गई। चूने का छिड़काव हुआ। डॉक्टर और स्टाफ नर्स भी अपनी वर्दी में दिखे।
लेकिन मंत्री के जाने के बाद मरीजों को इलाज के बेड, स्ट्रेचर तक नहीं मिले। इमरजेंसी वार्ड से नए भवन में मरीजों को गोद में लेकर जाना पड़ा। जिन मरीजों को स्ट्रेचर मिली भी तो उन्हें बेड नहीं मिला। जिसके चलते डॉक्टरों ने उनका इलाज स्ट्रेचर पर ही करना शुरु कर दिया।
बता दे कि मंत्री के निरीक्षण के दौरान भी ट्रामा सेंटर में अव्यवस्थाएं देखने को मिली थी। जहां सीएमएस डॉ. दिवाकर सिंह ने बताया कि चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के चलते दिक्कत हो रही है। ट्रामा सेंटर के लिए चिकित्सकों सहित 40 स्टाफ चाहिए। इसमें दो लोगों की ड्यूटी लगाई है। ट्रामा सेंटर में कोविड-19 का टीकाकरण किया जा रहा है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने पर बताया कि रेडियोलाजिस्ट की तैनाती नहीं होने से काम ठप है। इस दौरान जेपीएस राठौर ने कहा कि ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की कमी है। डॉक्टरों की कमी दूर करने के के उपाय किए जा रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। बलिया में मेडिकल कॉलेज बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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