(बलिया) मॉरीशस सरकार के राजदूत (उच्चायुक्त) धनीलाल शिबू का गांव बैरिया तहसील का सावन छपरा ही है। मॉरीशस सरकार के उच्चायुक्त के गांव का पता लगाने के लिए आई छह सदस्यीय टीम ने सर्वे के बाद इसकी पुष्टि की। टीम ने बताया कि रिपोर्ट भेजने के दो माह बाद उच्चायुक्त अपने गांव आएंगे।
दोकटी थाना क्षेत्र के सावन छपरा गांव से पांच पीढ़ी पहले मॉरीशस सरकार के राजदूत (उच्चायुक्त) धनीलाल शिबू के पूर्वज देश छोड़ कर मॉरीशस चले गए थे। धनीलाल जब वहां पर सक्षम हुए तो उन्हें वतन की याद आई। उन्होंने कई शुभ चिंतकों को विभिन्न प्रांतों में भेज कर अपना गांव, जिला, परगना खोजवाना शुरू किया। इस क्रम में सोमवार को दिल्ली से मंजीत कुमार, नेहा प्रकाश, छपरा के जैतपुर निवासी प्रो. ओमप्रकाश सिंह, मुनिल सिंह, मसरख के अरुण सिंह, पटना के केबी सिंह ने कई दिनों के सर्वे के बाद उच्चायुक्त का गांव और घर ढूंढ निकाला। टीम ने बताया कि अब उच्चायुक्त का गांव मिल गया है। बताया कि रिपोर्ट भेजे जाने के दो माह के अंदर मॉरीशस सरकार के उच्चायुक्त अपने गांव आएंगे। सदस्यों ने कहा कि उच्चायुक्त ने बताया था कि मेरा जिला गाजीपुर है। परगना द्वाबा और गांव सावन छ्परा पूर्वजों ने बताया था। इसी जानकारी के आधार पर टीम सर्वे कर रही थी। गांव में पहुंचने पर लोगों ने बताया कि पहले इस जिले का नाम गाजीपुर ही था बाद में जिले का बंटवारा होने पर यह बलिया बना।
उस परिवार की सावन छपरा निवासिनी 105 वर्षीय लक्ष्मीना देवी पत्नी स्व. नंदन राम, रामसागर मौर्य, शंभूनाथ मौर्य ने बताया कि हमारे पूर्वज गरीबी के कारण घर से कहीं बाहर कमाने गये थे लेकिन हम लोगों को पता नहीं कि कहां गए। लेकिन टीम के सामने बताया कि हमारे परिवार के ही लोग हैं। मॉरीशस उच्चायुक्त के खोजी टीम के दो सदस्य मंजीत और नेहा मॉरीशस आते जाते रहते हैं। उन्हीं के प्रयास से उच्चायुक्त का पैतृक गांव का पता मिल पाया है।
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…