बलिया- कहने को तीन-तीन पीएचसी, डॉक्टर एक भी नहीं

गड़वार।

बलिया- उत्तरप्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार आने के बाद यहां की जनता को बदलाव की उम्मीद थी लेकिन लगता है कि सारी सरकारें एक ही ढर्रे पर चलती हैं। उत्तरप्रदेश में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं की हक़ीक़त सबके सामने है।

सरकारी अस्पतालों की बदहाली किसी से छुपी नहीं। इलाज में लापरवाही तो कभी ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की वजह से ना जाने कितने मरीज़ बेवक़्त मौत की नींद सो जाते हैं।

बलिया ज़िला के नगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अव्यवस्थाओं की भरमार है। गड़वार क्षेत्र के तीन-तीन न्यू पीएचसी की सूरत-ए-हाल कुछ और ही बयां कर रही हैं। इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का आलम यह है कि एक भी चिकित्सक यहां तैनात नहीं है। जबकि रोजाना इस चिकित्सालयों में सैकड़ों मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में इनके इलाज को लेकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

गड़वार क्षेत्र में गड़वार न्यू पीएचसी, जगदेपुर न्यू पीएचसी, खरहाटार न्यू पीएचसी करीब दो दशकों से संचालित है। यहां जाने पर मरीज को न सही उपचार मिल पाता है और न ही दवा। हालांकि अस्पताल रोज खुलता है, स्वीपर आकर साफ-सफाई करते हैं।

इसके बाद फार्मासिस्ट बैठकर सिर्फ जिला अस्पताल जाने की बात करते है। मामूली बुखार में भी फार्मासिस्ट दवा तो लिखते हैं, लेकिन अफसोस दवा अस्पताल में नहीं मिलती, बाहर जाकर खरीदनी पड़ती है। गड़वार न्यू पीएचसी की बात करें तो यहां रोजाना औसतन 70 से 80 मरीजों का आना जाना लगा रहता है। जबकि दस से 20 मरीज डिलेवरी का होता है, लेकिन नार्मल डिलेवरी भी यहां नहीं हो पाती है।

इसके अलावा न्यू पीएचसी खरहाटार, घोसवती, खरहाटार, महावीरगंज, दूबे के डेरा, बसुदेवा, जनऊपुर, मसहां, खड़ींचा, शाहपुर कोटवां के अलावा अन्य गांवों में भी है। वहीं न्यू पीएचसी गड़वार में चांदपुर, महाकरपुर, सरयां हरिपुर, मनियर, जैतपुरा, बड़सरी, दामोदरपुर, त्रिकालपुर, बभनौली, गोविंदपुर, जंगलीबाबा धाम, गड़वार, बूढ़ऊं, जिगनीखास आदि गांव के सैकड़ों लोग अपना उपचार कराने आते हैं।

लेकिन फार्मासिस्ट के रहने के कारण करीब 25 किमी दूूर जिला अस्पताल आने के लिए मजबूर रहते हैं। क्षेत्र के गड़वार गांव के पूर्व प्रधान जलालुद्दीन खां ने बताया कि कई बार जिलाधिकारी समेत सीमएओ को अवगत कराया गया कि पीएचसी पर एक भी चिकित्सक तैनात नहीं हैं। जिसकी वजह से मामूली रोगों में लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। लेकिन अभी तक एक भी चिकित्सक तैनात नहीं किया गया।

वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य अमित सिंह कल्लू ने बताया कि चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण करीब 25 किमी दूर मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाता है। जिला पंचायत सदस्य विजय वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।

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