बलिया। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की ओर तेजी से बढ़ रही है। जहां अब निर्माण को लेकर जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जमीनों पर अंकित किसानों के साथ ही खतौनी के सत्यापन का काम शुरू हुआ है। हालांकि कई किसानों का वरासत नहीं होने के कारण दिक्कतें भी आ रही हैं। इसके चलते संबंधित किसानों को जल्द वरासत कराने को भी कहा जा रहा है।
बलिया में करीब 65 किमी की लंबाई में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनेगा। जो चितबड़ागांव से फेफना, माल्देपुर, हल्दी, बैरिया, चांददियर होते हुए मांझी घाट के बाद बिहार में प्रवेश करेगा। निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को दी गई है। शासन की ओर से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे निर्माण को लेकर भूमि अधिग्रहण का गजट महीनों पहले किया जा चुका है। एक्सप्रेस-वे जनपद में तहसील सदर के 72 और बैरिया के 16 गांवों से होकर गुजरेगा और मांझी घाट पुल से जुड़ेगा।
सदर और बैरिया में किसानों से लगभग 765 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी है। जिसकी जिम्मेदारी यूपीडा को दी है इसके लिए NHAI और यूपीडा के बीच MoU भी साइन हुआ है। अधिग्रहण में शामिल किसानों के गाटा नंबरों का सत्यापन हो रहा है। हालांकि कई किसान ऐसे भी हैं जिनका वरासत नहीं हो सका है। अधिकारियों का मानना है कि संबंधित किसानों को वरासत कराने को भी कहा जा रहा है ताकि अधिग्रहण के समय उनके मुआवजे की धनराशि का भुगतान किया जा सके और कोई विवाद की स्थिति नहीं रहे।
एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर आजमगढ़, NHAI, परियोजना निदेशक श्रीप्रकाश पाठक ने बताया कि जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया यूपीडा को पूरी करनी है। जमीन उपलब्ध होने के बाद NHAI की ओर से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को धरातल पर उतारने का काम शुरू किया जाएगा। यूपीडा की ओर से प्रकिया जारी है।
बलिया। समाजवादी राजनीति में राम गोविंद चौधरी की पहचान और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की…
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…