बलिया डेस्क : बीते कुछ दिनों से हुई रुक रुक कर होती बारिश के बीच घाघरा का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में बाढ़ आने की सम्भावना बढती हुई नज़र आ रही है. ताज़ा खबर यह है कि पिछले 48 घंटों में घागरा के जलस्तर में इजाफा होता चला जा रहा है. जिसके बाद तटवर्ती इलाकों में दहशत और बेचैनी का माहौल पैदा हो गया है.
बता दें कि मंगलवार को केंद्रीय जल आयोग ने घाघरा का जलस्तर 64.170 मीटर रिकॉर्ड किया. वहीँ इसका लाल निशान है 64.010. ऐसे में घाघरा अभी ही लाल निशान से 16 सेंटी मीटर ऊपर बहती हुई दिख रही है. वहीँ इसका जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. आयोग का यह भी कहना है कि आने वाले 24 घंटे में जलस्तर में और इजाफा हो सकता है.
दरअसल इससे पहले भी घाघरा का पानी लाल निशाँ से ऊपर बह रहा था लेकिन करीब एक हफ्ते में लोगों को उस वक़्त राहत मिली थी जब इसका पानी कुछ कम हुआ था लेकिन अब इसका जलस्तर एक बार फिर से बढ़ता जा रहा है. इसके बाद नदी के आस पास बसे हज़ारों गांवों में डर का माहौल है. तुर्तीपार से लेकर गुलौरा, मुजौना, सहियां, चैनपुर, हल्दीरामपुर, मधुबनी और तमाम गावों की कृषि योग्य उपजाऊ मिटटी पानी से कट कट कर नदी के साथ बह चुकी है. जिसकी वजह से किसानों को काफी नुकसान पहले ही हो चुका है.
लेकिन अब अगर फिर से ऐसा होता है और घाघरा का पानी फिर से चढ़ता है तो ज़ाहिर तौर पर इसकी वजह से किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. तुर्तीपार गांव में मौनी बाबा मंदिर जाने वाले रास्ते पर पानी पहुँच चुका है. वहीँ चैनपुर गुलौरा टीएस बंधे तक भी पानी आ चुका है. यहाँ केकब्रिस्तान में भी पानी आने लगा है. इस बीच प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के मद्देनजर सभी तैयारियां कर ली गयी हैं.