बलिया में यूरिया का संकट देखा जा रहा है। इससे किसान काफी ज्यादा परेशान है। हालत ये हैं कि न तो सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध है न ही बाजारों में। जिसके चलते किसानों की फसलें बर्बाद होने की कगार पर आ गई है।
चिलकहर, बांसडीह क्षेत्र में सहकारी समितियों में खाद नहीं है। हजौली साधन सहकारी समिति पर बुधवार को यूरिया खाद बांटी जा रही थी। किसानों ने बताया कि एक बोरी यूरिया के एक किलो इफको का जिंक 405 रुपए में दिया जा रहा था। जब किसानों ने इसका विरोध किया तो सचिव ने यूरिया देने से ही मना कर दिया। वहीं बाजारों में यूरिया की कालाबाजारी भी खूब हो रही है। इससे मजबूर होकर किसान दोगुने दामों में यूरिया खरीद रहे हैं।
बता दें कि इस साल 13 हजार हेक्टेयर रबी का रकबा बढ़ा है। अधिकतर जगह गेहूं की बुवाई हो चुकी है लेकिन खाद की कमी आने से फसलें प्रभावित हो रही है। वहीं खाद की कालाबाजारी और अनुपलब्धता की शिकायत करने पर अधिकारी चुप्पी साथ लेते हैं।बलिय
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