बलिया में सरयू नदी की वजह से कटान तेज हो रहा है। ये ग्रामीणों के लिए एक बड़ी परेशानी बन गई है। तटबंधीय इलाकों में रहने वाले लोग लंबे समय से कटान का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब तक हजारों एकड़ जमीन नदी के कटान में बह चुकी है। उनका काफी नुकसान हो चुका है। कई परिवार अपने आशियाने तोड़कर बाहर जा चुके हैं।
लोगों का कहना है कि नदी जब बढ़ाव पर होती है तब भी कटान करती है और जब घटाव पर होती है तो भी कटान में तेजी होती होती है। नदी का जल स्तर सोमवार की शाम चार बजे चांदपुर गेज पर जहां 57.79 मीटर था। वहीं मंगलवार की सुबह आठ बजे 57.67 मीटर दर्ज किया गया। यानि नदी के जल स्तर में 16 घंटे में एक सेंटीमीटर से भी कम रफ्तार से 12 सेंटीमीटर घटाव दर्ज किया गया।
नदी सरयू का जल स्तर धीरे-धीरे नीचे की तरफ की तरफ जा रहा है और कटान तेज होता जा रहा है। अब तक करीब पांच सौ एकड़ से अधिक भूमि को नदी अपना निशाना बना चुकी है। नदी की कटान को देखते हुए तटबन्धीय इलाकाई लोग अपना आशियाना तेजी से हटाने में लगे है। बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा टिकुलिया में करीब तीन सौ परिवारों की बस्ती नदी के निशाने पर हैं। यहां लोग अपने मकान को तोड़ करके सामान हटाने में लगे हैं, उधर बैरिया तहसील क्षेत्र के गोपानगर टाड़ी में अब तक नौ परिवारों के मकान नदी में समाहित हो चुका है। तीन दर्जन से अधिक परिवारों के आशियाने नदी के निशाने पर हैं।यह संख्या जल स्तर में बढ़ाव होने पर बढ़ते हुए सैकड़ों तक पहुंच सकती है।
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